ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाला जन सेवा केंद्र संचालक साथी सहित गिरफ्तार | New India Times

मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:

शाहजहांपुर पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है जो ऑनलाइन ठगी करने वाले अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराता था। पुलिस के अनुसार यह गिरोह करीब डेढ़ वर्ष से सक्रिय था और इसी माध्यम से मोटी कमाई कर रहा था। पुलिस ने जन सेवा केंद्र संचालक श्रीश गुप्ता को उसके एक साथी के साथ गिरफ्तार किया है।

थाना चौक कोतवाली पुलिस, एसओजी टीम और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने साइबर अपराध में संलिप्त दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।

प्रभारी निरीक्षक अश्वनी कुमार सिंह (थाना चौक कोतवाली), निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार (प्रभारी एसओजी) मय टीम, उपनिरीक्षक मनोज कुमार (प्रभारी सर्विलांस सेल) मय टीम, उपनिरीक्षक संजीव कुमार तथा उपनिरीक्षक गोविंद सिंह आदि पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की।

पुलिस ने श्रीश गुप्ता पुत्र उमेश चंद्र, निवासी 02/72 आवास विकास कॉलोनी बरेली मोड़ थाना कोतवाली, जनपद शाहजहांपुर (उम्र लगभग 44 वर्ष) तथा राहिल पुत्र ताहव्वर खान, निवासी मोहल्ला तारीन गाड़ीपुरा पुत्तूलाल चौराहा, बिलाल मस्जिद के पास, थाना रामचंद्र मिशन, जनपद शाहजहांपुर (उम्र लगभग 42 वर्ष) को बरेली मोड़ सड़क पुल के पास स्थित पेट्रोल पंप के सामने बने गुप्ता CSE केंद्र के लकड़ी के खोखे से गिरफ्तार किया।

बरामदगी:

19 कीपैड मोबाइल
8 एंड्रॉयड मोबाइल
3 रिकॉर्ड कॉपियां
₹25,430 नकद
19 जियो पेमेंट बैंक लिफाफे व एटीएम कार्ड
10 जियो डेबिट कार्ड
2 माइक्रो एटीएम मशीन
2 बायोमैट्रिक मशीन
6 डेबिट कार्ड NSDL पेमेंट बैंक

प्रभारी निरीक्षक अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में श्रीश गुप्ता, राहिल, रोहित रंजन, सोनू (पटना), सोनू (हावड़ा), विकास, उपेश कुमार और मुकेश कुमार के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है। शेष वांछित अभियुक्तों की तलाश जारी है। आरोपियों को विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

पूछताछ में खुलासा

पूछताछ में अभियुक्त श्रीश गुप्ता ने बताया कि बरेली मोड़ के पास पेट्रोल पंप के सामने उसका जन सेवा केंद्र है। करीब डेढ़ वर्ष पहले बिहार निवासी रोहित रंजन से मोबाइल फोन के माध्यम से उसका संपर्क हुआ था। रोहित रंजन ने उससे कुछ सेविंग अकाउंट उपलब्ध कराने को कहा और बदले में प्रति अकाउंट ₹4500 देने की बात तय हुई।

इस काम में उसने राहिल को शामिल किया। राहिल सीधे-सादे लोगों को बहला-फुसलाकर या लालच देकर उनका आधार कार्ड और पैन कार्ड लेकर आता था। श्रीश गुप्ता उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर जियो पेमेंट बैंक और NSDL पेमेंट बैंक में ऑनलाइन खाते खोलता था।

खातों में रोहित रंजन द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर जोड़े जाते थे, जिन पर OTP आता था। खाते का एटीएम कार्ड आने पर श्रीश गुप्ता उसे लिफाफे में रखकर श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन के अटेंडेंट के माध्यम से रोहित रंजन द्वारा बताए गए बिहार के किसी स्टेशन पर भेज देता था। इसके बदले में उसे प्रति खाता ₹4500 मिलते थे, जिन्हें वह और राहिल आपस में बांट लेते थे।

आरोपियों ने बताया कि रोहित रंजन इन खातों का उपयोग ऑनलाइन ठगी से प्राप्त रकम को ट्रांसफर कर निकालने के लिए करता था। धीरे-धीरे उनके संपर्क सोनू (पटना), सोनू (हावड़ा), विकास, उपेश कुमार और मुकेश कुमार से भी हो गए, जो उन्हें खाते उपलब्ध कराने का काम देने लगे।

ये लोग अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क करते थे और ऑनलाइन ही भुगतान पंजाब नेशनल बैंक शाखा ददरौल, शाहजहांपुर स्थित खाते में भेजते थे।

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