ज़फ़र खान, अकोट/अकोला (महाराष्ट्र), NIT:
अकोट शहर पुलिस की कार्यप्रणाली हमेशा सतर्क और जनहित में देखी जाती है। कभी ट्रैफिक पुलिस का सराहनीय कार्य सामने आता है, तो कभी पुलिस कर्मचारियों को गरीबों की मदद करते देखा जाता है। वहीं त्योहारों के अवसर पर जरूरतमंद बच्चों को मिठाई और कपड़े वितरित करते हुए भी पुलिस की संवेदनशील छवि दिखाई देती है।
अकोट शहर पुलिस की एक बात आम जनता को सबसे अधिक पसंद है, वह यह कि पुलिस कार्रवाई करते समय कभी किसी का चेहरा नहीं देखती। जाति, वर्ग, अमीर-गरीब या किसी प्रकार के मतभेद से दूर रहकर पुलिस निष्पक्ष रूप से उचित कार्रवाई करती है और आपराधिक तत्वों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने में पीछे नहीं हटती।
इसी कारण अकोट शहर की जनता पुलिस के प्रति प्यार, आदर और सम्मान की भावना रखती है। हालांकि कई जगहों पर पुलिस की आलोचना भी होती है, लेकिन अकोट शहर में पिछले कुछ वर्षों से पुलिस के प्रति सम्मान की भावना स्पष्ट रूप से देखी जा रही है।
यह कहना गलत नहीं होगा कि इस सकारात्मक छवि के पीछे वरिष्ठ अधिकारियों सहित पुलिस कर्मचारियों की कर्तव्यनिष्ठा और इंसानियत है।
साथ ही, अधिकारियों और कर्मचारियों में लालच न होने तथा आम जनता से चौक-चौराहों पर सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने से उनकी सराहना और बढ़ी है।
आगामी धार्मिक उत्सवों को देखते हुए पुलिस पूरी तरह सक्रिय है। शहर में आए दिन नाकाबंदी और चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। अकोला रोड, हिवरखेड़ रोड सहित शहर के प्रमुख मार्गों पर पुलिसकर्मी मुस्तैदी से तैनात हैं।
हाल ही में एसडीपीओ निखिल पाटिल एवं शहर थाना प्रभारी अमोल माडवे के निर्देश पर की गई कार्रवाई में 52 से अधिक वाहनों पर चालानी कार्रवाई की गई।
इस अभियान में पुलिस हेड कॉन्स्टेबल गोपालसिंह डाबेराव, पुलिस हेड कॉन्स्टेबल सुरजुसे, पुलिस कॉन्स्टेबल चेतन खुमकर, अमोल खोब्रागड़े सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
