मोहम्मद सिराज, ब्यूरो चीफ, पांढुर्णा (मप्र), NIT:
कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में जनपद पंचायत पांढुर्णा के सभाकक्ष में जिले के सभी चार्ज अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण से डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया को मजबूत आधार मिलेगा।
यह भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी, जो दो चरणों में संपन्न होगी—
पहला चरण (हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना): अप्रैल 2026 से सितंबर 2026 तक।
दूसरा चरण (जनसंख्या गणना): मुख्य रूप से मार्च 2027 में (कुछ हिमाच्छादित क्षेत्रों में पहले)।
डिजिटल जनगणना में मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा संग्रह, स्व-गणना (सेल्फ एनुमरेशन) का विकल्प, जीपीएस टैगिंग और क्लाउड-आधारित मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इससे डेटा अधिक सटीक, तेज और पारदर्शी होगा, जिससे विकास योजनाओं, नीति-निर्माण और संसाधन वितरण में बड़ी सहायता मिलेगी।
पांढुर्णा जिले में समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर चार्ज अधिकारियों को तैयार करना प्रशासन की सक्रियता को दर्शाता है। श्री वशिष्ठ के नेतृत्व में जिले की यह तैयारी सराहनीय है।
प्रशिक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, एसडीएम सौंसर श्री सिद्धार्थ पटेल, संयुक्त कलेक्टर सुश्री नेहा सोनी, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रेक्षा पाठक, तहसीलदार पांढुर्णा श्री विनय प्रकाश ठाकुर सहित जनगणना के लिए नियुक्त सभी चार्ज अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डिजिटल जनगणना 2027 जिले के लिए एक महत्वपूर्ण और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य है, जिसे सटीकता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ संपन्न करना आवश्यक है।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान का प्रभावी उपयोग करते हुए जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराएं।
