मध्यप्रदेश बजट पर कमलनाथ का हमला, बोले : जनता से विश्वासघात वाला बजट | New India Times

जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट आज विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने पेश किया। बजट का कुल आकार लगभग 4.38 लाख करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में इसे 4.65 लाख करोड़ रुपये तक अनुमानित किया गया है। यह मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट है, जिसे सरकार ने “ऐतिहासिक” और “रोलिंग बजट” बताते हुए किसान, महिलाएं, युवा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस बताया है।

कमलनाथ की प्रतिक्रिया

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस बजट पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “जनता से विश्वासघात वाला बजट” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बजट में केवल “बातों के बताशे” हैं और जनहित के मुद्दे गायब हैं।

कमलनाथ ने कहा कि सरकार ने चार प्रमुख चुनावी वादों को बजट में शामिल नहीं किया:

धान का एमएसपी 3100 रुपये प्रति क्विंटल देने का वादा

गेहूं का एमएसपी 2700 रुपये प्रति क्विंटल

लाड़ली बहना योजना में 3000 रुपये मासिक सहायता

केंद्र से मिलने वाली हिस्सेदारी में कमी का कोई समाधान नहीं

उन्होंने आरोप लगाया कि इन घोषणाओं को बजट में जगह नहीं मिली, जिससे किसान, महिलाएं और युवा निराश हैं। कमलनाथ ने भाजपा सरकार को जनविरोधी और वादाखिलाफी करने वाली बताया।

सरकार के अनुसार बजट के मुख्य प्रावधान

सरकार ने बजट को “GYANII” (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी, इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्रियलाइजेशन) मॉडल पर आधारित बताया है। प्रमुख घोषणाएं इस प्रकार हैं:

लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान

महिलाओं के कल्याण के लिए कुल 1.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट

किसानों के लिए 1 लाख सोलर पंप योजना

शिक्षा क्षेत्र में 15,000 शिक्षकों की भर्ती और कक्षा 8वीं तक मुफ्त टेट्रा पैक दूध

श्रमिकों, जनजातीय गांवों, ग्रामीण कनेक्टिविटी और रोजगार पर फोकस

कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया

सिंहस्थ और अन्य विकास योजनाओं पर विशेष जोर

हालांकि विपक्ष का आरोप है कि ये घोषणाएं पुरानी और अपर्याप्त हैं तथा राज्य पर बढ़ते कर्ज (करीब 5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान) के बीच वादे पूरे नहीं हो पाएंगे।

बजट को लेकर राजनीतिक माहौल गरम है। भाजपा इसे विकास का रोडमैप बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे वादाखिलाफी का प्रमाण बता रही है।

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