चेतक ब्रिज चौराहे पर एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) का विरोध प्रदर्शन, निजीकरण के खिलाफ उठी आवाज | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

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सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ़ इंडिया (कम्युनिस्ट) (एसयूसीआई-सी) द्वारा प्रदेश में बिजली के निजीकरण को तेज करने, प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने, शासकीय अस्पतालों को पीपीपी मॉडल पर निजी हाथों में सौंपने, बस्तियों को उजाड़ने तथा सरकारी स्कूलों को बंद करने जैसे मुद्दों को लेकर चेतक ब्रिज चौराहे पर ज़बरदस विरोध प्रदर्शन किया गया।

चेतक ब्रिज चौराहे पर एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) का विरोध प्रदर्शन, निजीकरण के खिलाफ उठी आवाज | New India Times

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पार्टी के जिला सचिव कामरेड मुदित भटनागर ने कहा कि एक के बाद एक नीतिगत फैसलों से आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है। महंगाई और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, वहीं विकास के नाम पर बस्तियों पर बुलडोजर चलाकर लोगों को बेघर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में 94 हजार सरकारी स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया और अस्पतालों को पीपीपी मॉडल पर देने की नीति से आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

चेतक ब्रिज चौराहे पर एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) का विरोध प्रदर्शन, निजीकरण के खिलाफ उठी आवाज | New India Times

भटनागर ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों का उल्लेख करते हुए पेयजल व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शहरों में पेयजल पाइपलाइन नालियों से होकर गुजर रही हैं, जिससे स्वास्थ्य संकट बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सांप्रदायिक उन्माद को बढ़ावा दिया जा रहा है और समाज को धर्म व जाति के नाम पर बांटने की कोशिश हो रही है।
पार्टी की ओर से 12 से 17 फरवरी तक पूरे प्रदेश में विरोध सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान जनमुद्दों को लेकर विभिन्न जिलों में प्रदर्शन और सभाएं आयोजित की जा रही हैं। पार्टी नेताओं ने मोहल्ला, गांव और शहर स्तर पर जन समितियों के गठन की अपील की, ताकि आंदोलन को मजबूत किया जा सके।
प्रदर्शन को विनोद लोगारिया ने भी संबोधित किया, जबकि संचालन आरती शर्मा ने किया। अंत में जोरदार नारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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