इदरीस मंसूरी, ब्यूरो चीफ, गुना (मप्र), NIT:

क्षेत्र में बीते महीनों से संचालित समाजसेवी पहल कपड़ा बैंक अभियान इस वर्ष अपने सफल समापन की ओर अग्रसर है। समाज के सहयोग से चलाए गए इस अभियान के माध्यम से सैकड़ों जरूरतमंद परिवारों एवं विद्यार्थियों को निःशुल्क कपड़ों का वितरण किया गया। इस अभियान ने न केवल जरूरतमंदों की आवश्यकताओं को पूरा किया, बल्कि समाज में सेवा और संवेदना की नई मिसाल भी कायम की।
अभियान संचालक श्याम कुशवाह ने बताया कि कपड़ा बैंक की सफलता का संपूर्ण श्रेय क्षेत्र के जागरूक नागरिकों, दानदाताओं एवं समाज के सहयोग को जाता है। आमजन ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया, जिसके परिणामस्वरूप यह सेवा कार्य बिना किसी बाधा के निरंतर चलता रहा।
इसी क्रम में विपिन उपाध्याय ने बताया कि अब बुक बैंक डिपो अभियान का संचालन प्रारंभ किया जाएगा। इस अभियान के तहत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निःशुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उनकी शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
संचालकों श्याम कुशवाह एवं विपिन उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि दोनों ही अभियान पूर्णतः निःस्वार्थ भाव से संचालित किए जा रहे हैं। इन सेवा कार्यों में किसी प्रकार का निजी हित नहीं है और न ही भविष्य में इन अभियानों की आड़ में किसी प्रकार का स्वार्थ सिद्ध किया जाएगा। उद्देश्य केवल समाज के वंचित वर्ग को सहयोग प्रदान करना और शिक्षा व आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
अभियान की सफलता से उत्साहित टीम अब इस सेवा कार्य को अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार देने की तैयारी में है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाई जा सके।
समाज के सहयोग और सहभागिता से शुरू हुई यह पहल अब जनआंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है, जो यह संदेश देती है कि जब समाज एकजुट होता है, तो सेवा के मार्ग में कोई बाधा टिक नहीं सकती।
