रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

मेघनगर के राजेन्द्र श्रीवास्तव उर्फ नीरज मानव सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुके हैं। मानसिक रोग से पीड़ित या भटककर अपने घर-परिवार से बिछुड़े किसी भी जाति, धर्म या समाज के व्यक्ति को जब नीरज का साथ मिलता है, तो मानो उसका आधा इलाज वहीं हो जाता है।
मेघनगर या आसपास के क्षेत्रों में जब भी किसी असहाय, भटके हुए मानसिक रोगी की सूचना नीरज श्रीवास्तव को मिलती है, तो वे अपने सभी निजी कार्य छोड़कर तुरंत उस जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंच जाते हैं। उनके संपर्क में आते ही वह व्यक्ति उनसे इस तरह घुल-मिल जाता है, जैसे किसी अपने का सहारा मिल गया हो।
नीरज श्रीवास्तव बड़ी सादगी और आत्मीयता के साथ उस व्यक्ति से संवाद करते हैं। सबसे पहले उसे नहलाकर साफ-सुथरा किया जाता है, भोजन, चाय-पानी कराया जाता है और प्रेमपूर्वक बातचीत की जाती है। इसके बाद उसके बाल-नाखून काटे जाते हैं तथा यदि शरीर पर कोई जख्म हो तो उसकी मरहम-पट्टी भी की जाती है।
लगातार बातचीत और काउंसलिंग के माध्यम से नीरज श्रीवास्तव उस व्यक्ति के घर-परिवार और मूल स्थान की जानकारी जुटाने का प्रयास करते हैं, ताकि उसे उसके परिजनों से मिलाया जा सके। उनकी यह सेवा केवल दिखावा नहीं, बल्कि पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ की जाती है।
आज के इस नफरत और स्वार्थ से भरे दौर में, जहां भाई-भाई से दूर होता जा रहा है, वहीं मेघनगर के नीरज श्रीवास्तव निःस्वार्थ भाव से मानव सेवा के इस पुनीत कार्य को अंजाम दे रहे हैं। उनकी इस अद्वितीय और समर्पित सेवा को समाज का सलाम और नमन् है।
