अविनाश द्विवेदी/पूजा यादव, सागर (मप्र), NIT;

अंत्योदय का अर्थ अंतिम व्यक्ति को लाभ दिलाना है। अन्त्योदय को परिभाषित करते हुये यह बात जिला पंचायत सभाकक्ष में श्री सुखदेव मिश्रा द्वारा जिलास्तरीय अंत्योदय समिति की अध्यक्षता करते हुये कही गई। एकात्म मानववाद के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की अन्त्योदय की अवधारणा को फलीभूत करने में कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं सदस्यों का भरपूर मिल रहा है। जिला पंचायत के श्री रमेश सोनी को उत्कृष्ट कार्य हेतु बधाई भी दी गई।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री चन्द्रशेखर शुक्ला, श्री प्रदीप राय, श्रीमती मंजू खरे, डीपीसी श्री कुर्मी, श्री धीरेन्द्र मिश्रा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। जिला व्यापार एवं उद्योग विभाग की योजनाओं की प्रगति बेहतर है इसमें और प्रचार-प्रसार कर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी, स्वरोजगार, आर्थिक कल्याण योजना के प्रगति की ओर ले जाने के लिये प्रयास करने की आवश्यकता है। जनजाति कार्य विभाग द्वारा छात्रावासों में पानी की व्यवस्था, भोजन की व्यवस्था एवं टंकी की सफाई नियमित रूप से करवाने की बात श्री मिश्रा द्वारा कही गई। मत्स्य विभाग को अगली बैठक में विकासखण्डवार तालाबों से हितग्राहियों को मिले लाभ की पूरी जानकारी की सूची अपडेट करने के निर्देश दिये। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सघन मिशन इन्द्रधनुष के अंतर्गत 70 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त हुये हैं इसे और बढ़ाने के साथ चलित मोबाइल वाहन की संख्या बढ़ाने के लिये भी अनुरोध पत्र शासन को भेजे जायेंगे। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग की बढ़िया प्रगति के लिये विभाग को बधाई दी गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, को जल उपलब्धता ध्यान में रखते हुये हैण्डपम्प एवं स्पेयर पार्ट्स की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश बैठक में दिये। वनविभाग एवं पीएचई को अगली बैठक में विभागवार हितग्राही की सूची की जानकारी अपडेट कर लाने कहा। साथ ही सभी विभागों को अगली बैठक में सम्पूर्ण जानकारी लेकर उपस्थित होने के निर्देश दिये। अन्यथा कड़ी कार्यवाही की जाएगी। अगली बैठक में आयुष व यूनानी चिकित्सा विभाग को भी बुलाने के निर्देश दिये गये। कृषि विभाग एवं पशु चिकित्सा विभाग को भी विकासखण्डवार सभी जानकारी लेकर आने कहा। खाद्य विभाग द्वारा अधिकाधिक संख्या में परिवारों की आधार फीडिंग करवाये जाये, साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना में भवन निर्माण में लोगों को जागरूक करने प्रयास किये जाये। इस अवसर पर समिति के सदस्यों द्वारा भी सुझाव प्रस्तुत किये गये। समिति के सदस्यों के रूप में श्री मनीष चौवे, राकेश दुबे, द्वारका भट्ट, सुदामा राय, रतनसिंह, अंबिका यादव, रावराज राजपूत, रूपेश रोशन खरे, जावेद खान, चन्द्रभान यादव, रघुराज पटेल एवं मस्तराम आदिवासी मौजूद थे।
