विवेक जैन, नई दिल्ली, NIT:
देश के महान स्वतंत्रता सेनानी, आज़ाद हिंद फौज के संस्थापक एवं स्वतंत्रता संग्राम के महान नायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की स्मृति में नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत गौरव अवॉर्ड्स 2026 का भव्य एवं गरिमामय आयोजन शाह ऑडिटोरियम, राजनिवास मार्ग, सिविल लाइंस, दिल्ली में संपन्न हुआ।
इस कार्यक्रम का आयोजन डॉ. दीपक मित्तल, संस्थापक एवं चेयरमैन, उड़ान एक पहल फाउंडेशन द्वारा किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज एवं राष्ट्र के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित करना तथा युवाओं को देशसेवा के लिए प्रेरित करना था। संपूर्ण आयोजन नेताजी सुभाष चंद्र बोस के देशभक्ति, साहस, अनुशासन और त्याग के आदर्शों से प्रेरित रहा।
कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, मानवाधिकार कार्यकर्ता, प्रोफेशनल्स एवं गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शोभा मुख्य अतिथियों के रूप में यदविंदर सिंह संधू (शहीद भगत सिंह के पौत्र), लेफ्टिनेंट जनरल ए.बी. शिवाने, राज शेखावत (राष्ट्रीय करणी सेना), जय भगवान गोयल (यूनाइटेड हिंदू फ्रंट), महंत वरुण शर्मा (प्राचीन हनुमान मंदिर, मरघट वाले) एवं विनय चौधरी (भाजपा नेता) की गरिमामयी उपस्थिति से बढ़ी।
समाज सेवा, शिक्षा, मानवाधिकार, राष्ट्र निर्माण एवं जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को भारत गौरव अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विशिष्ट एवं अति-विशिष्ट अतिथियों के रूप में सविता अरोड़ा, ईशा सक्सेना, मनोज बाबा, राधे श्याम बंसल, योगेंद्र अग्रवाल एवं अश्वनी कुमार उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक बढ़ाया।
मीडिया को संबोधित करते हुए डॉ. दीपक मित्तल ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज के उन नायकों को पहचान दिलाते हैं, जो निस्वार्थ भाव से देश और समाज की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी अतिथियों, सम्मानितजनों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस आयोजन में डॉ. टी.एम. ओंकार, ट्रस्टी, उड़ान एक पहल फाउंडेशन ने सह-आयोजक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं सहयोगी सदस्यों के रूप में मनोज कंसल, विशाल दमन, विनोद कुमार सक्सेना, आकाश गुप्ता एवं गोल्डी रंधावा ने आयोजन को सफल बनाने में अहम योगदान दिया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय एकता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आदर्शों को आत्मसात करने के संदेश के साथ हुआ।
