मोहम्मद सिराज, ब्यूरो चीफ, पांढुर्णा (मप्र), NIT:

शहर ने आज सामाजिक एकता और मातृशक्ति के अद्भुत संगम का साक्षी बनने का गौरव प्राप्त किया, जब स्थानीय तेली समाज संगठन द्वारा आयोजित भव्य हल्दी-कुमकुम एवं ‘वान-वाटी’ कार्यक्रम में लगभग 1500 महिलाओं ने सहभागिता कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ समाज अध्यक्ष भूषण केवटें द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला अघाड़ी अध्यक्ष देविका भांगे ने की। इस अवसर पर आयोजन स्थल दान, शिक्षा और संस्कार की त्रिवेणी से सराबोर नजर आया।
मुख्य अतिथि एवं मानवाधिकार आयोग की प्रदेश अध्यक्ष भारती बालपांडे ने अपने संबोधन में ईश्वर द्वारा प्रदत्त धन का सदुपयोग समाजहित में करने का आह्वान किया। उल्लेखनीय है कि उन्होंने समाज भवन निर्माण के लिए 11.51 लाख रुपये का दान भी दिया है।
विशिष्ट अतिथि एवं भूमिदाता परिवार की सदस्य नंदा सुनील घाटोड़े ने महिलाओं को घर और समाज की सबसे मजबूत नींव बताते हुए उनके योगदान की सराहना की। वहीं उच्च शिक्षित समाजसेवी डॉ. प्रेरणा कलमधाड़ ने महिलाओं को शिक्षा के साथ समाज सेवा, समय-दान और स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने की शपथ दिलाई।
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक उत्साह के साथ ‘वान-वाटी’ की रस्म निभाई और एक-दूसरे को सुहाग सामग्री भेंट कर सुख-समृद्धि की कामना की।
इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में शोभा खोड़े, रेवती घोड़े, रश्मि कलमधाड़, पुष्पा अवचितकर, दीपाली भांगे सहित पूरी कार्यकारिणी का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम का समापन विशाल स्नेहभोज के साथ हुआ, जिसने समाज में एकता और नई ऊर्जा का संचार किया।
