मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

गांव की मिट्टी की सोंधी खुशबू, देसी जीवनशैली और सुकून भरा माहौल न केवल देश के महानगरों से, बल्कि विदेशों से भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। छिंदवाड़ा जिले के तामिया विकासखंड स्थित पर्यटन ग्राम सावरवानी बीते तीन वर्षों में ग्रामीण पर्यटन का नया और सफल मॉडल बनकर उभरा है।

सुबह मुर्गे की बांग, बकरियों की मिमियाहट, बैलगाड़ी की सवारी, लोकनृत्य, मिट्टी के घर, हरे-भरे खेत, कच्चे रास्ते और गलियों में खेलते गाय-भैंस के बछड़े—यही सावरवानी की पहचान है। यहां का शांत और प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों को शहरी जीवन की भागदौड़ से दूर सुकून और सादगी का अनुभव कराता है।
बीते तीन वर्षों में 12 देशों सहित भारत के 15 राज्यों के 10 हजार से अधिक पर्यटक सावरवानी पहुंच चुके हैं। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा विकसित होम स्टे में ठहरकर पर्यटकों ने यहां के स्वाद, संस्कृति, सादगी और “हेल्दी एंड हैप्पी लाइफ” का अनुभव किया है।
ग्रामीण पर्यटन के इस सफर की शुरुआत 14 जनवरी 2023 को हुई, जब तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ एवं वर्तमान छिंदवाड़ा कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायण ने गांव के पहले होम स्टे का फीता काटकर शुभारंभ किया। इसके बाद से सावरवानी ग्राम आत्मनिर्भर बनकर अपने पैरों पर खड़ा हुआ और निरंतर आगे बढ़ता गया।
छिंदवाड़ा कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायण एवं जिला पंचायत सीईओ श्री अग्रिम कुमार के कुशल मार्गदर्शन में पर्यटन ग्राम सावरवानी एक मॉडल गांव के रूप में उभरा है। वर्तमान में गांव में 9 होम स्टे संचालित हैं, जबकि 2 होम स्टे निर्माणाधीन हैं। गांव की हरियाली, देसी भोजन का स्वाद, संस्कृति, एडवेंचर गतिविधियां और सुकून भरा माहौल पर्यटकों को बार-बार यहां आने के लिए प्रेरित करता है।
यही कारण है कि मध्य प्रदेश में सर्वाधिक होम स्टे बुकिंग पर्यटन ग्राम सावरवानी को मिल रही है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह और जनवरी के शुरुआती दिनों में यहां के सभी होम स्टे पर्यटकों से पूरी तरह भरे रहे।
इस गांव के विकास में मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के साथ-साथ छिंदवाड़ा जिला प्रशासन और विलेज-वेज संस्था का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
रोजगार का बंपर तोहफा
मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की ग्रामीण पर्यटन होम स्टे योजना ने सावरवानी को रोजगार का बड़ा अवसर प्रदान किया है। गांव की महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार शुद्ध देशी घी बेचकर अब तक 11 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित की है। इसके अलावा घरों के बगीचों और खेतों में उगाई गई दालें, सब्जियां तथा ज्वार-मक्के का आटा भी अच्छी बिक्री कर रहा है।
गाइड, बैलगाड़ी चालक, लोकनृत्य कलाकार सहित 100 से अधिक ग्रामीण प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार से जुड़े हैं। बीते तीन वर्षों में इन सभी ने स्वयं को आत्मनिर्भर बनाया है।
पुरस्कारों से सम्मानित सावरवानी
मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के मार्गदर्शन में पर्यटन ग्राम सावरवानी कई प्रतिष्ठित पुरस्कार जीत चुका है। सावरवानी की टीम को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भोपाल में सम्मानित किया जा चुका है। गांव को पर्यटन क्षेत्र में दो बार गोल्डन कैटेगरी में सर्वश्रेष्ठ अवार्ड, साथ ही फाइव ग्रीन लीफ रेटिंग होम स्टे का खिताब भी प्राप्त हुआ है।
देशभर में विकसित हो रहे होम स्टे के लिए सावरवानी को मॉडल गांव के रूप में चुना गया है और यहां एक्सपोजर विजिट के लिए विभिन्न राज्यों से लोग आ रहे हैं। जिला स्तर पर भी गांव को कई बार सम्मानित किया जा चुका है। यही कारण है कि ग्रामीण पर्यटन का यह नया चेहरा न केवल छिंदवाड़ा जिले को, बल्कि मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रहा है।
