भोपाल में फर्जी अस्पतालों का संगठित खेल : सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा पर संरक्षण देने का लगा गंभीर आरोप | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में फर्जी अस्पतालों के बढ़ते जाल और स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनीष शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार का कहना है कि भोपाल में सैकड़ों फर्जी अस्पताल नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन नंबर व सर्टिफिकेट का दुरुपयोग कर अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी होने के बावजूद सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा द्वारा आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई।

रवि परमार ने आरोप लगाया कि कई निजी अस्पतालों ने ऐसे नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों को कागजों में दर्शाया है जो या तो शासकीय संस्थानों में पदस्थ हैं या जिन्होंने कभी उन अस्पतालों में कार्य ही नहीं किया। इसके बावजूद, अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर अस्पतालों को मान्यता दी गई, जो सीधे-सीधे भ्रष्टाचार और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ का मामला है।

*जांच समितियों की रिपोर्ट भी सवालों के घेरे में*
रवि परमार ने कहा कि कुछ मामलों में जांच समितियां गठित तो की गईं, लेकिन उनके द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट वास्तविक स्थिति के विपरीत और पूर्व-निर्धारित प्रतीत होती हैं। सैकड़ों शिकायतें आज भी भोपाल सीएमएचओ कार्यालय में लंबित हैं, लेकिन शिकायतकर्ताओं को न्याय दिलाने के बजाय फर्जी अस्पतालों को संरक्षण दिया जा रहा है।

यह लापरवाही नहीं, आर्थिक लेन-देन का मामला है – NSUI

जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने स्पष्ट आरोप लगाते हुए कहा कि यह मामला साधारण प्रशासनिक लापरवाही का नहीं बल्कि संगठित भ्रष्टाचार और आर्थिक लेन-देन का है। यदि समय रहते कार्यवाही की जाती, तो भोपाल में फर्जी अस्पतालों की संख्या इतनी भयावह स्थिति में नहीं पहुँचती।

लोकायुक्त प्रकरण के बावजूद भोपाल में पोस्टिंग पर सवाल

तोमर ने कहा कि सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा के विरुद्ध में ग्वालियर में सीएमएचओ रहते हुए लोकायुक्त द्वारा भ्रष्टाचार का प्रकरण दर्ज किया गया था, जिसे विभागीय स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया। इसके बावजूद लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा स्वीकृति देने के बजाय जून 2025 में उन्हें राजधानी भोपाल का सीएमएचओ नियुक्त कर दिया गया, जो अपने आप में कई सवाल खड़े करता है।

भोपाल की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाली की ओर
अक्षय तोमर ने कहा कि डॉ. मनीष शर्मा के कार्यकाल में राजधानी भोपाल की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार कमजोर हुई हैं। फर्जी अस्पतालों के कारण आम नागरिकों और गंभीर मरीजों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ हो रहा है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग और सीएमएचओ की है।

NSUI ने मध्यप्रदेश शासन से मांग की है कि
1. डॉ. मनीष शर्मा के विरुद्ध लोकायुक्त में दर्ज प्रकरण में तत्काल विभागीय अभियोजन स्वीकृति दी जाए।
2. निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने हेतु उन्हें भोपाल सीएमएचओ पद से तुरंत हटाया जाए।
3. भोपाल जिले में संचालित सभी निजी अस्पतालों की स्वतंत्र व उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
4. फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट बनाने वाले अधिकारियों एवं दोषी अस्पताल संचालकों पर कड़ी दंडात्मक कार्यवाही की जाए।

NSUI ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्यवाही नहीं की गई, तो संगठन इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगा और जनता को सच्चाई से अवगत कराया जाएगा।

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