मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कुम्हरार पार्क का निरीक्षण कर इसे बेहतर विकसित करने के दिए निर्देश | New India Times

अतीश दीपंकर ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कुम्हरार पार्क का निरीक्षण कर इसे बेहतर विकसित करने के दिए निर्देश | New India Times

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पटना के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल कुम्हरार पार्क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पार्क परिसर में संरक्षित मगध साम्राज्य काल से संबंधित स्तंभों के अवशेषों का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कुम्हरार पार्क का निरीक्षण कर इसे बेहतर विकसित करने के दिए निर्देश | New India Times

मुख्यमंत्री ने पार्क में लगे बोर्डों से बुलंदीबाग उत्खनन, कुम्हरार उत्खनन और मौर्यकालीन 80 स्तंभों वाले विशाल कक्ष सहित अन्य अवशेषों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कृष्णदेव स्मृति सभागार स्थित पाटलीपुत्र दीर्घा में मौर्य वास्तुकला, कुम्हरार उत्खनन से प्राप्त भग्नावशेष और पाटलीपुत्र की कला व संस्कृति प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कुम्हरार पार्क का निरीक्षण कर इसे बेहतर विकसित करने के दिए निर्देश | New India Times

अधिकारियों ने बताया कि कुम्हरार पार्क परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीन है और इसका रखरखाव इसी विभाग द्वारा किया जाता है। पूर्व में किए गए उत्खनन में कई ऐतिहासिक एवं प्राचीन अवशेष प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुम्हरार पार्क परिसर को बेहतर ढंग से विकसित करने हेतु भारत सरकार को पत्र भेजा जाए।

गौरतलब है कि वर्ष 1912-15 एवं 1951-55 में किए गए उत्खननों के दौरान मौर्यकालीन 80 स्तंभों वाला विशाल सभागार प्रकाश में आया, जिसका भू-विन्यास पूरब से पश्चिम 10 पंक्तियों और उत्तर से दक्षिण 8 पंक्तियों में फैला था।

स्तंभों के बीच लगभग 15 फीट का अंतर था। स्थानिक विकास और भू-जल स्तर बढ़ने के कारण भग्नावशेष जलमग्न हो गए, इसलिए 2005 में उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति की अनुशंसा पर इसे मिट्टी और बालू से ढक दिया गया।

इतिहास में आधुनिक पटना शहर को पाटलिपुत्र कहा जाता था। 6वीं शताब्दी ईसा पूर्व जब भगवान बुद्ध ने इस स्थल का दौरा किया, तब यह पाटलिग्राम नामक छोटा गांव था। मगध साम्राज्य के राजा अजातशत्रु ने इसे सुरक्षित करने के लिए किला बनवाया था।

बाद में 5वीं शताब्दी ईसा पूर्व में राजा उदयन ने राजगृह से पाटलिपुत्र को राजधानी बनाया। कुम्हरार पार्क में पाटलीपुत्र दीर्घा में प्राचीन शहर का इतिहास, कला, वास्तुकला और उत्खनन से प्राप्त अवशेष प्रदर्शित किए गए हैं।

निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. सहित भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

By nit

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