निहाल चौधरी, इटवा/सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:
इटवा कस्बे के प्रमुख चौराहों पर इन दिनों अवैध टेम्पो संचालन बड़ी समस्या बनता जा रहा है। बिना नंबर प्लेट, बिना वैध कागजात और कई मामलों में बिना ड्राइविंग लाइसेंस के टेम्पो सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि नाबालिगों द्वारा टेम्पो चलाए जाने के मामले भी खुलेआम सामने आ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, बाहर से चोरी की गई गाड़ियां इटवा क्षेत्र में लाकर कम दामों पर बेची जा रही हैं। कुछ वाहन बिना नंबर प्लेट के, तो कुछ बदली हुई नंबर प्लेट के साथ सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। हाल ही में दिल्ली नंबर की एक गाड़ी पर यूपी की नंबर प्लेट लगाकर चलाए जाने का मामला सामने आया, जिसे पुलिस ने पकड़ भी लिया। अब सवाल यह है कि ऐसी गाड़ियों को आखिर कब सीज़ किया जाएगा।
इन अवैध वाहनों के कारण कस्बे में अक्सर भीषण जाम लग जाता है। आम नागरिकों, स्कूली बच्चों और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस और लगातार कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।
स्थानीय लोगों का सवाल है— क्या प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ बाइक चालकों के चालान तक ही सीमित है, या फिर अवैध टेम्पो चालकों और उनके मालिकों पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे?
लोगों में यह चर्चा भी तेज है कि कहीं इन अवैध वाहनों से कथित रूप से हफ्ता वसूली तो नहीं की जा रही, तभी इतने गंभीर नियम उल्लंघन के बावजूद इन्हें खुली छूट मिली हुई है।
इतना ही नहीं, नगर पंचायत इटवा की ट्रॉली और अन्य वाहन भी बिना नंबर प्लेट तथा कथित तौर पर नियमों की अनदेखी करते हुए सड़कों पर चलते देखे जा सकते हैं।
ऐसे में प्रश्न उठता है— इन सरकारी या पंचायत वाहनों की जिम्मेदारी किसकी है? क्या इनके खिलाफ भी चालान और कार्रवाई होगी, या फिर नियम सिर्फ आम जनता के लिए ही हैं?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है— प्रशासन कब सख्त कदम उठाएगा? क्या इटवा में कानून सबके लिए समान रूप से लागू होगा, या फिर अवैध गाड़ियां यूं ही बेलगाम दौड़ती रहेंगी?
