मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
जुन्नारदेव जनपद के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुंगरिया में अस्पताल का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक है। स्टाफ के अनुसार इस दौरान कई बार डॉक्टर भी अस्पताल में मौजूद नहीं रहते।
इसी कारण ग्रामीणों ने मांग उठाई है कि अस्पताल शाम के समय भी कम से कम 2 घंटे खोला जाए, ताकि मरीजों को उपचार के लिए दूर न जाना पड़े।
डुंगरिया अस्पताल के अंतर्गत 8–10 गाँव (डुंगरिया, खापा, स्वामीघाना, खेड़ा, भूतहा, छाबड़ी, कोल्हिया, पनारा, सारेका, ढाना हेटी, माली, सुगनिया, इमरतीखेड़ा आदि) आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल 2 बजे बंद हो जाने के कारण उन्हें 8 किलोमीटर दूर जुन्नारदेव अस्पताल जाना पड़ता है।
आपात स्थिति में मरीजों को ले जाते समय बीच में रेलवे फाटक पड़ता है, जो बंद होने पर लगभग 15 मिनट तक इंतज़ार करना पड़ता है — जिससे इलाज में देरी हो जाती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि डुंगरिया अस्पताल शाम को भी 2 घंटे के लिए खोला जाए, ताकि आसपास के लोगों को समय पर उपचार मिल सके और उन्हें दूर तक भटकना न पड़े।
