मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
अटल ज्योति योजना के दावों के बावजूद 24 घंटे बिजली सप्लाई मिलना अब भी संभव नहीं हो पा रहा है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली विभाग द्वारा की जा रही लगातार अघोषित बिजली कटौती से जनता बेहद त्रस्त हो चुकी है।
पिछले 25 दिनों में कई बार बिजली बंद की गई, जिसके कारण लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और व्यापार पर भी इसका सीधा असर दिखाई दिया।
शनिवार, 27 दिसंबर को सुबह 9:00 बजे अचानक बिजली बंद कर दी गई, जो शाम 5:30 बजे के बाद ही चालू हुई। इसी दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नसबंदी शिविर आयोजित था, जहाँ महिलाएँ भूखी-प्यासी घंटों बैठी रहीं।
लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग मेंटेनेंस का हवाला देकर बिना पूर्व सूचना के बिजली काट देता है, जिससे नाराज़गी बढ़ती जा रही है। व्यापारियों ने भी बताया कि बिजली कटौती का सीधा असर उनकी आय पर पड़ रहा है।
बिजली आपूर्ति नहीं होने से अब लोगों को इमरजेंसी बैटरी, जनरेटर और इन्वर्टर का सहारा लेना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि आधुनिक समय में भी हालात ऐसे हो गए हैं कि साल 2025 के आखिर में उन्हें पुराने दिनों की याद आने लगी है।
