ज़फ़र खान, अकोट/अकोला (महाराष्ट्र), NIT:
“कर्म ही पहचान है” — अकोट शहर स्थित बजाज फाइनेंस कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों और सुरक्षा गार्ड का मानवीय चेहरा सामने आया है, जिसने आम नागरिकों का दिल जीत लिया है। आमतौर पर कंपनियाँ अपनी सेवाओं और सुविधाओं के लिए जानी जाती हैं, लेकिन अकोट बजाज फाइनेंस की पहचान अब सामाजिक संवेदनशीलता और इंसानियत से भी बन रही है।
यहाँ कार्यरत कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड शांत स्वभाव, मिलनसार और हमेशा मदद के लिए तैयार रहते हैं। हाल ही में देखा गया कि कार्यालय की पूरी टीम एक गरीब और लाचार व्यक्ति को प्रतिदिन भोजन उपलब्ध करा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि वे पैसे देने के बजाय रोज़ खाना खिलाते हैं, ताकि जरूरतमंद व्यक्ति सम्मान के साथ पेट भर भोजन कर सके।
बजाज फाइनेंस की इस टीम में मैनेजर अमोल पटाले, सेकंड मैनेजर मयूर कूर्म, गजानन पटाड़े, वैभव धोरे, शुभम लाकड़े, ऑफिस बॉय पंकज मोहकार तथा सुरक्षा गार्ड आकाश और बुंदेले शामिल हैं। यही टीम दीपावली पर गरीब बच्चों को कपड़े देती है और स्कूल के समय में शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध कराती है।
विशेष बात यह है कि ये सभी सामाजिक कार्य बिना किसी दिखावे और सोशल मीडिया प्रचार के किए जाते हैं। अपने कर्तव्य और सेवा को ही जीवन का उद्देश्य मानने वाली यह टीम सच साबित करती है कि—
“कर्म ही सबसे बड़ी पहचान है।”
