नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

राज और उद्धव ठाकरे का गठबंधन होने के बाद बृहन्मुंबई , नवी मुंबई , पनवेल , ठाणे , उल्हासनगर , नासिक , औरंगाबाद(छत्रपति संभाजी नगर) , कल्याण-डोंबिवली महानगर पालिका के सत्ता समीकरण बीजेपी के हाथ से फिसलते नज़र आ रहे है। नेता गिरीश महाजन ने नासिक बीजेपी में प्रचंड मात्रा में इनकमिंग स्टार्ट कर दिया है। नासिक के किसी प्रभाग में अगर किसी के पास 100/200 वोट भी है तो वो बीजेपी के लिए निहायत ज़रूरी शख़्स बन चुका है।

इन पार्टी प्रवेश को लेकर नासिक से बीजेपी विधायकों की नाराज़गी कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया हंगामा कैमरों के सामने है। सिंहस्थ अर्ध कुंभ 2027 के आयोजन की सारी ज़िम्मेदारी नासिक महानगर पालिका की है। 15 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र की सभी 29 महानगर पालिकाओं के लिए वोटिंग होगा।
सिंहस्थ अर्ध कुंभ के प्रबंधन के लिए सरकारी तिज़ोरी से आबंटित 25 हज़ार करोड़ रुपए के बजट पर सीधा कंट्रोल करने के लिए बीजेपी और कुंभ मंत्री महाजन को हर हाल में नासिक मनपा की सत्ता में पूर्ण बहुमत से वापसी करना पड़ेगी। सरकार द्वारा तपोवन जंगल ख़त्म करने की साज़िश के विरोध में नासिक के लोगों की ओर से खड़ा किया गया जन आंदोलन बीजेपी के लिए किरकिरी बन गया है।
मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस स्वयं नासिक के संरक्षक मंत्री है , गिरीश महाजन के बढ़ते अप्रिय हस्तक्षेप के कारण नासिक की जनता के बीच विपक्ष को स्पेस मिलता नज़र आ रहा है। नासिक की राजनीत में एन सी पी अजित पवार और बीजेपी का रिश्ता कुछ कहलाने के काबिल नहीं है। निवर्तमान निकाय सदन की कुल 122 सीट में बीजेपी के पास 65 और विपक्ष के 57 नगर सेवक थे।
