जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:
भोपाल में मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिकों से जुड़े डॉक्टरों द्वारा सार्थक ऐप (Sarthak App) के जरिए फर्जी अटेंडेंस लगाने का मामला सामने आया है।
जिला अस्पताल और CMHO कार्यालय की नियमित समीक्षा में यह गड़बड़ी पकड़ी गई। एक डॉक्टर ने लगभग 500-600 किलोमीटर दूर से अटेंडेंस लगाई, जबकि एक अन्य डॉक्टर की अटेंडेंस में विभिन्न लोगों के चेहरे की तस्वीरें मिलीं, यानी उन्होंने फेस रिकग्निशन सिस्टम को चकमा देने की कोशिश की।
इसके परिणामस्वरूप, 13 डॉक्टरों की सैलरी में 7 दिनों से एक महीने तक की कटौती के आदेश जारी किए गए, और 25 डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस दिया गया।
CMHO डॉ. मनीष शर्मा ने सख्त कार्रवाई करते हुए कहा कि यह सिर्फ़ अनियमितता नहीं है, बल्कि मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं पर सीधा असर डालता है। उन्होंने कहा कि आगे भी सार्थक ऐप की निगरानी जारी रहेगी।
यह भोपाल स्वास्थ्य विभाग की अपनी तरह की पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के फर्जीवाड़े से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं, और यह अच्छा है कि विभाग ने तुरंत कार्रवाई की।
