मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

जुन्नारदेव विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत डूंगरिया में भीषण जल संकट को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। जानकारी के अनुसार, आज ग्रामीणों ने बस स्टैंड पर चक्का जाम कर पुतला दहन किया और जैन कुएं में डब्ल्यूसीएल द्वारा मोटर पंप चलाने की मांग को लेकर कन्हान प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सरपंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।

ग्रामीणों ने चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन को अवगत कराया।
1. डब्ल्यूसीएल विभाग द्वारा ओसी फेस-4, फेस-5 एवं फेस-6 के अंतर्गत मुआवजा देकर वर्ष 1988 में एक सरकारी एवं एक निजी कुआं तोड़ा गया था। उस समय डब्ल्यूसीएल एवं तत्कालीन सरपंच के बीच यह अनुबंध हुआ था कि जब तक ग्राम पंचायत डूंगरिया में निस्तारी पानी की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होती, तब तक डब्ल्यूसीएल द्वारा पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
2. डब्ल्यूसीएल द्वारा किए गए उत्खनन कार्य के कारण भूमिगत जलस्तर काफी नीचे चला गया है, जिससे पंचायत को लगभग 8 लाख रुपये की क्षति हुई है। पंचायत क्षेत्र में कराए गए सभी बोर फेल हो चुके हैं।
3. पूर्व में पीएचई विभाग द्वारा 15 हैंडपंप लगाए गए थे, लेकिन उनमें फ्लोराइड युक्त पानी निकलने के कारण पीएचई विभाग ने सभी हैंडपंप बंद कर दिए।
4. विगत एक माह से डब्ल्यूसीएल की मोटर पंप खराब होने के कारण वार्ड क्रमांक 1 से 9 तक पानी की आपूर्ति बंद है। बीते एक वर्ष में 6–7 बार मोटर पंप खराब हो चुकी है, जिससे ग्रामवासियों को बार-बार पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आठ दिनों के भीतर सुचारू रूप से निस्तारी पानी का वितरण शुरू किया जाए, अन्यथा उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रशासन की ओर से 8 से 10 दिनों में समाधान का आश्वासन दिया गया है।
इस दौरान नायब तहसीलदार मोहित बोरकर, उप निरीक्षक मुकेश डोंगरे सहित जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर उपस्थित रहे।
