नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

चुनाव आयोग द्वारा लिए गए मनमाने निर्णयों के कारण कानूनी पचड़ो में फंस चुके महाराष्ट्र निकायों के नगर परिषद नगर पंचायत चुनावों के पहले चरण में शामिल कुछ निकायों के लिए अब महानगर पालिका और जिला परिषद चुनाव के साथ मतदान करवाया जा सकता है। नागपुर , औरंगाबाद हाई कोर्ट और सर्किट बेंच कोल्हापुर में चुनाव आयोग के ख़िलाफ़ दायर सभी 36 याचिकाओं को एकत्रित कर मुंबई हाइ कोर्ट में सुनवाई के लिए रखा गया है। 10 दिसंबर की सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर ने अपने आदेश में कहा है कि सभी 36 याचिकाओं पर 14 जनवरी 2026 को अंतिम फैसला सुनाया जाएगा।
विदित हो कि 288 नगर परिषद , नगर पंचायतों के लिए जारी नामांकन प्रक्रिया के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग ने उम्मीदवारों के सचेतक की संख्या को लेकर दो तारीखों में अलग-अलग आदेश जारी किए इन आदेशों का हवाला दे कर पात्र प्रत्याशियों के नामांकन रद्द करवा दिए गए। इस सीन से पीड़ित सैकड़ों ने न्याय के लिए जिला सत्र न्यायालयों का रुख किया जहां से राहत भरे फैसले भी आए। सचेतक वाले आदेश से प्रभावित लोक नियुक्त नगराध्यक्ष के कैंडिडेट्स ने नागपुर औरंगाबाद हाई कोर्ट्स और कोल्हापुर सर्किट बेंच का दरवाजा खटखटाया था।
जामनेर नगर परिषद मेयर सीट के लिए एन सी पी शरदचंद्र पवार , भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आधिकारिक प्रत्याशियो के नामांकन वापसी के बाद चुनाव आयोग द्वारा सेकेंडरी कैंडिडेट ज्योत्सना विसपुते को भी बाहर कर दिया गया है। जामनेर नगर परिषद मेयर सीट पर बीजेपी से मंत्री गिरीश महाजन की पत्नी साधना महाजन निर्विरोध चुनी जा चुकी है। वर्तमान लोकसभा के शीत सत्र में एन सी पी शरदचंद्र पवार पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने बीजेपी के परिवारवाद और निर्विरोध पैटर्न को सदन के रेकॉर्ड पर रख दिया है।
