पटेल वार्ड में जातिगत भेदभाव के आरोप: मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, कलेक्टर से 15 दिन में रिपोर्ट तलब | New India Times

त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

पटेल वार्ड में जातिगत भेदभाव के आरोप: मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, कलेक्टर से 15 दिन में रिपोर्ट तलब | New India Times

मध्यप्रदेश के सागर जिले की देवरी नगरपालिका के वार्ड क्रमांक 14 पटेल वार्ड में पिछले दो वर्षों से विकास कार्यों और शासन की मूलभूत सुविधाओं पर रोक लगाए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। यह वार्ड दलित समुदाय बहुल होने के कारण पार्षद एवं स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगरपालिका के सीएमओ द्वारा लगातार जातिगत भेदभाव किया जा रहा है।

कांग्रेस पार्षद त्रिवेन्द्र जाट द्वारा बताया गया कि सीएमओ की कार्यशैली के कारण पटेल वार्ड में कोई भी विकास कार्य नहीं हो पा रहा है। पार्षद ने इस संबंध में एसडीएम, कलेक्टर, कमिश्नर से लेकर मुख्यमंत्री तक कई बार लिखित शिकायतें भेजीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वार्ड की स्थिति में भी कोई सुधार नहीं हुआ।

लगातार उपेक्षा से परेशान होकर पार्षद त्रिवेन्द्र जाट ने मानव अधिकार आयोग, दिल्ली में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए मानव अधिकार आयोग ने सागर कलेक्टर को पत्र भेजकर 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधि द्वारा बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद अधिकारियों द्वारा ध्यान न देना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। इसलिए मामले में शीघ्र उचित कार्रवाई की जाए और पटेल वार्ड के विकास कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाए।

कांग्रेस पार्षद त्रिवेन्द्र जाट ने बताया कि उनके द्वारा देवरी से लेकर भोपाल स्तर तक सभी संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन किसी प्रकार की सुनवाई नहीं हुई। इसलिए मजबूर होकर मानव अधिकार आयोग में शिकायत करनी पड़ी, जिसे अब संज्ञान में ले लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में नगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी केवीएस बघेल भी लगातार जातिगत भेदभाव करते हुए वार्ड के सभी प्रकाश व अन्य विकास कार्यों को रोक रहे हैं।

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