अतीश दीपंकर ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सारण जिले के सोनपुर स्थित विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला-2025 का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने मेला सह प्रदर्शनी क्षेत्र का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग, आर्ट एंड क्राफ्ट ग्राम, महिला एवं बाल विकास निगम, जीविका सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया।

स्टॉलों के निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न उत्पादों के निर्माण, उनकी गुणवत्ता तथा उनके बाज़ार तक पहुंचने की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस दौरान निर्माताओं एवं विक्रेताओं ने सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं और सहायता के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
जीविका दीदियों ने ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के अंतर्गत मिल रही आर्थिक सहायता से हुए लाभों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से राज्य की महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं और उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता राशि का चेक प्रदान किया।
निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेला परिसर में नागरिक सुविधाओं, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सोनपुर मेला केवल प्राचीन परंपरा का प्रतीक नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का भी महत्वपूर्ण आधार है।
हजारों छोटे व्यापारी एवं कारीगर यहां अपने उत्पादों की बिक्री करते हैं, जिससे स्थानीय उत्पादों को देशभर के बाजारों में पहचान मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी को सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी प्रगति के लिए लगातार कार्य कर रही है।
ज्ञातव्य है कि सोनपुर मेला का आयोजन प्रत्येक वर्ष सारण जिले के सोनपुर में किया जाता है। यह मेला कार्तिक पूर्णिमा से शुरू होकर एक महीने तक चलता है। इस वर्ष इसका आयोजन 03 नवंबर 2025 से 04 दिसंबर 2025 तक प्रस्तावित था, लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव के कारण इसमें आंशिक परिवर्तन करते हुए आयोजन तिथि 09 नवंबर 2025 से 10 दिसंबर 2025 कर दी गई है।
सोनपुर मेला एक ऐतिहासिक और पौराणिक मेला है। गंगा और गंडक नदी के संगम पर सदियों से इस मेले का आयोजन होता आ रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां स्नान कर हरिहरनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करते हैं, इसलिए इसे ‘हरिहर क्षेत्र मेला’ भी कहा जाता है। यह स्थानीय लोगों में ‘छत्तर मेला’ के नाम से भी प्रसिद्ध है।
सोनपुर मेला देश के सबसे बड़े पशु मेला के रूप में जाना जाता है। यहां देश-विदेश से लोग पशुओं की खरीद-बिक्री के लिए आते हैं। घोड़े, ऊंट, गाय, भैंस, कुत्ते, तोते, मैना सहित अनेक पशु-पक्षियों का व्यापार यहां होता रहा है।
लोगों के मनोरंजन के लिए प्रतिदिन घुड़दौड़, कुश्ती, नौकायन सहित विभिन्न खेल एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। प्रतिदिन संध्या में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं, जिनसे राज्य के कलाकारों को मंच मिलता है।
मेला आयोजन में बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा पर्यटन विभाग द्वारा वित्तीय सहायता दी जाती है। सारण जिला प्रशासन नागरिक सुविधाओं, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करता है।
मेला क्षेत्र में ग्रामीण विकास विभाग का ग्रामश्री मंडप, महिला एवं बाल विकास विभाग, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, तथा केंद्रीय मंत्रालयों एवं प्रतिष्ठानों जैसे खान मंत्रालय, कोल इंडिया लिमिटेड, सशस्त्र सीमा बल आदि द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई है, जिन्हें बड़ी संख्या में लोग देखने पहुंचते हैं और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करते हैं।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य कौशल किशोर मिश्रा, कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव सह मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, सारण प्रमंडल के आयुक्त राजीव रौशन, पटना जिला के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम., सारण जिला के जिलाधिकारी अमन समीर, पटना जिला के वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा, सारण जिला के वरीय पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
