फैज़ान खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:

भीमसेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर का जन्मदिवस इस बार 29 अक्टूबर को ‘महाक्रांति दिवस’ के रूप में पूरे 14 दिन तक धूमधाम से मनाया गया। 22 अक्टूबर से शुरू हुआ यह उत्सव 6 नवंबर तक लगातार चलता रहा और देश-विदेश में नया कीर्तिमान स्थापित कर गया।

हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली सहित अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, स्विट्ज़रलैंड, सऊदी अरब, दुबई और रूस तक, सर्वधर्म–सर्वसमाज के लोगों ने मिठाइयाँ बाँटीं, केक काटे और तंवर के चित्र पर भोग लगाकर उन्हें भगवान की तरह पूजा।
🌸 मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचे नवाब सतपाल तंवर
नवाब सतपाल तंवर स्वयं दर्जनों आयोजनों में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
• हरियाणा : गुरुग्राम के खांडसा गाँव, सेक्टर-49, सेक्टर-9 और धनवापुर में केक काटे गए। इन सभी कार्यक्रमों में तंवर स्वयं उपस्थित रहे।
• उत्तर प्रदेश : अमरोहा, बिजनौर, चाँदपुर और धनौरा में भव्य समारोह आयोजित किए गए, जिनमें तंवर ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया।
• राजस्थान : नीमराना और भिवाड़ी में जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर जगह लोगों ने “महाक्रांति दिवस जिंदाबाद” और “नवाब सतपाल तंवर जिंदाबाद” के नारे लगाए तथा उनकी दीर्घायु की कामना की।
🌍 14 दिन, 14 रिकॉर्ड
एक सप्ताह पहले शुरू होकर एक सप्ताह बाद तक चलने वाला यह जन्मदिवस उत्सव विश्व का सबसे लंबा जन्मदिन समारोह बन गया। विदेशों में बसे अनुयायियों ने वीडियो कॉल के माध्यम से केक काटा, सोशल मीडिया पर #MahaKrantiDiwas ट्रेंड कराया और सैकड़ों पोस्ट वायरल किए गए।
🎂 दिल्ली यूनिवर्सिटी में मनाया सादगी भरा जन्मदिन
6 नवम्बर को नवाब सतपाल तंवर दिल्ली यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंचे, जहाँ उन्होंने कैंपस गार्डन में जमीन पर बैठकर अपने दोस्तों के बीच केक काटा और सादगी से जन्मदिन मनाया।
यह दृश्य देखकर समर्थकों ने कहा — “नवाब सतपाल तंवर एक जमीन से जुड़े नेता हैं।”
जनता का संदेश :
आयोजकों ने कहा :
“नवाब सतपाल तंवर ने समाज को एकजुट रहना और स्वाभिमान से अपने अधिकारों के लिए लड़ना सिखाया है। यह 14 दिन का जश्न उसी महाक्रांति का प्रतीक है।”
भीमसेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर ने सभी समर्थकों को धन्यवाद देते हुए कहा :
“आपका प्यार ही मेरी असली पूँजी है। यह महाक्रांति रुकेगी नहीं, बल्कि आगे बढ़ती रहेगी।” लाखों समर्थकों का विश्वास है कि आने वाले वर्षों में यह उत्सव और भी भव्य और ऐतिहासिक रूप लेगा। विदेशों में तंवर की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए, उनकी सुरक्षा को लेकर भारत सरकार की चिंताएँ भी बढ़ गई हैं।
