संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:
शहर में पहली बार राष्ट्रीय चिकित्सा शिक्षा (NCPE-2025) पर राष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही है। यह कॉन्फ्रेंस गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के बाल रोग विभाग और ग्वालियर एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (GAP) के संयुक्त तत्वावधान में 7 से 9 नवम्बर 2025 तक होगी। कॉन्फ्रेंस की थीम है — “चिकित्सा शिक्षा में उत्कृष्टता को आगे बढ़ाना — नवाचार, प्रेरणा और प्रभाव।”
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. डॉ. आर.के.एस. धाकड़ ने बताया कि कॉन्फ्रेंस का औपचारिक शुभारंभ 8 नवम्बर को सुबह 11 बजे कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के ऑडिटोरियम में होगा। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व ग्वालियर कलेक्टर एवं वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव डॉ. संजय गोयल उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन की अध्यक्षता बाल रोग विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) आर. के. तालुजा करेंगी।
बाल एवं शिशु रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अजय गौड़ ने बताया कि यह कॉन्फ्रेंस वरिष्ठ शिक्षाविदों — प्रो. (डॉ.) ए. जी. शिंगवेकर, डीन डॉ. आर. के. धाकड़, डॉ. बी.आर. श्रीवास्तव और डॉ. सी. पी. बंसल — के मार्गदर्शन में आयोजित की जा रही है। इस कॉन्फ्रेंस में देश के शीर्ष चिकित्सा शिक्षकों की उपस्थिति होगी, जिनमें प्रो. (डॉ.) पियूष गुप्ता (यूसीएमएस, दिल्ली) विशेष रूप से शामिल होंगे। उनके साथ एम्स दिल्ली, एमएएमसी तथा अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के वरिष्ठ विशेषज्ञ भी भाग लेंगे।
डॉ. बी.आर. श्रीवास्तव ने कहा कि “किताबें सिर्फ इलाज बताती हैं, लेकिन यह समझना कि किस मरीज को कौन-सा इलाज देना है, इस पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।” डॉ. सी.पी. बंसल ने कहा कि “शिक्षण एक कला है, और यही इस कॉन्फ्रेंस का मूल विषय है।” पत्रकारों को जानकारी देते समय डॉ. घनश्याम दास, डॉ. विनीत चतुर्वेदी और डॉ. सात्विक बंसल सहित विभाग के अन्य चिकित्सा शिक्षक भी उपस्थित थे।
7 नवम्बर को होगी प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप
डॉ. रवि अंबे ने बताया कि मुख्य कॉन्फ्रेंस से पहले 7 नवम्बर को (आज) मेडिकल कॉलेज के स्मार्ट क्लासरूम में प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप आयोजित की जा रही है। इस वर्कशॉप का शुभारंभ मेडिकल कॉलेज के डीन प्रो. डॉ. आर.के.एस. धाकड़ करेंगे। वर्कशॉप में सिमुलेशन-आधारित शिक्षण, बेडसाइड टीचिंग, नैदानिक तर्क, अनुसंधान पद्धति और वैज्ञानिक लेखन पर चर्चा की जाएगी।
