नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

अगस्त 2025 के बाद से मराठवाड़ा , पश्चिमी महाराष्ट्र में कहर बनकर बरस रहे मानसून ने उत्तर महाराष्ट्र को जोड़कर करीब डेढ़ लाख एकड़ खेती तबाह कर दी है। देवेन्द्र फडणवीस सरकार ने 32 हजार करोड़ रुपए के पैकेज की घोषणा करी जिससे पीड़ित किसान को प्रति हेक्टेयर मात्र 6 हजार रुपए मिलेगे। 1 नवंबर की रात जलगांव जिले में भरपूर बारिश के कारण खेतों में काटकर रखी मकई बह गई है। केंद्र की फसल बीमा योजना लाभ के लिए लागू 50% से कम उत्पाद का बकवास नियम सरकार को किसानों की देनदारी से संरक्षण देता है।
मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने 28 जून 2017 को छत्रपति शिवाजी किसान सम्मान योजना लॉन्च की। डेढ़ लाख रुपए के अनुसार 44 लाख 46 हज़ार किसानो को 18 हजार 500 करोड़ रुपए तक कर्ज़ माफी करी गई। मुंबई हाइ कोर्ट के आदेश के बावजूद सात लाख किसानो को आज तक 6 हजार करोड़ रुपए माफ नहीं किए जा सके है। 29 दिसंबर 2019 मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने 20 हजार 500 करोड़ रुपए की लागत से महात्मा फूले शेतकरी कर्ज़ मुक्ती योजना मे 32 लाख किसानों का 2 लाख रुपए तक का कर्ज माफ़ किया।

नागपुर हाइ कोर्ट के आदेश के बाद अकोला के 250 किसान कर्ज़ माफी लाभ के प्रतिक्षा में है। अब देवेन्द्र फडणवीस सरकार ने 30 जून 2026 तक कार्जमाफी का आश्वासन दिया है। किसानों को तत्काल संपूर्ण कर्ज़ माफी और रबी की तैयारी के लिए के लिए 2 लाख करोड़ रुपए के पैकेज की आवश्यकता है। महाराष्ट्र सरकार पर 9 लाख 58 हजार करोड़ रुपए का कर्ज़ चढ़ने के कारण सरकार की आर्थिक हैसियत ख़त्म हो चुकी है। अतीत में किए कथित घोटालों से अर्जित हज़ारों करोड़ की अनाम प्रॉपर्टी की जांच से बचने के लिए सरकार में बने रहना मंत्रियों की प्राथमिकता है।
