शमसुद्दोहा, ब्यूरो चीफ, गोरखपुर (यूपी), NIT:
25 अक्टूबर को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की एक बैठक विकास भवन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विकास भवन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष गोविन्द श्रीवास्तव ने की, जबकि संचालन मंत्री सुनील सिंह ने किया।
बैठक को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए कर्मचारी समाज कई वर्षों से संघर्ष कर रहा है। अब समय आ गया है कि सभी कर्मचारी संगठन आपसी भेदभाव छोड़कर एकजुट हों और आज़ादी की लड़ाई की तर्ज पर मजबूत आंदोलन खड़ा करें।
उन्होंने कहा: “पेंशन हमारे बुढ़ापे की लाठी है। इसके बिना बुजुर्ग अवस्था में कोई सहारा नहीं रहता। विडंबना है कि माननीयों को तो चार-चार पेंशन मिलती है, लेकिन दफ्तरों में काम करने वाले बाबू और चपरासी इससे वंचित हैं। यह व्यवस्था खुद संविधान की भावना के विरुद्ध है।”
विशिष्ट अतिथि मदन मुरारी शुक्ल ने कहा कि यदि सरकार देश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) की बात करती है, तो समान पेंशन व्यवस्था क्यों नहीं लागू करती।
उन्होंने मांग की कि वन नेशन, वन पेंशन लागू करते हुए कर्मचारियों, शिक्षकों, पुलिसकर्मियों एवं अर्द्धसैनिक बलों के लिए पुरानी पेंशन बहाल की जाए, जिससे उनके बुढ़ापे की आर्थिक असुरक्षा समाप्त हो सके।
अंत में अध्यक्ष गोविंद श्रीवास्तव ने सभी कर्मचारियों से पुरानी पेंशन बहाली के आंदोलन को और मजबूत करने की अपील करते हुए बैठक समाप्ति की घोषणा की।
बैठक में प्रमुख रूप से अशोक कुमार पांडे, रूपेश कुमार श्रीवास्तव, गोविंद श्रीवास्तव, मदन मुरारी शुक्ल, श्याम नारायण शुक्ल, बंटी श्रीवास्तव, सौरभ श्रीवास्तव, अनूप कुमार, इजहार अली, सुनील सिंह, वरुण वर्मा बैरागी, राजेश मिश्रा, हरि नारायण कुशवाहा, शैलेन्द्र सिंह, हर्ष त्रिपाठी, तेज प्रताप शाही, ओंकारनाथ राय, आलोक सिंह, जामवंत पटेल, फुलई पासवान, रामधनी पासवान आदि उपस्थित रहे।
