मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

ताप्ती सेवा समिति, बुरहानपुर की अध्यक्ष श्रीमती सरिता राजेश भगत के नेतृत्व में समस्त पदाधिकारी और सदस्यगणों ने इस वर्ष दीपावली का पर्व भक्ति, स्वच्छता और विचारों के प्रकाश के साथ मनाया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार समिति के सदस्यों ने माँ ताप्ती नदी के पवित्र राजघाट तट पर एकत्र होकर माँ ताप्ती की आरती, पूजा-अर्चना और दीपदान किया, जिससे ताप्ती तट दीपों की पंक्तियों से आलोकित हो उठा।
असली प्रकाश बिजली का नहीं, विचार का होता है” — यही रहा कार्यक्रम का केंद्रीय संदेश। समिति ने इस अवसर पर संदेश दिया कि“आज जब संसार तकनीक से चमक रहा है और हर दिशा में कृत्रिम रोशनी की बाढ़ है, तब हमें यह याद रखना चाहिए कि असली प्रकाश बिजली का नहीं, विचार का होता है — जो मन को जगमगाता है और समाज को सभ्यता देता है। ”हमारे प्राचीन ऋषियों ने कहा था —“तमसो मा ज्योतिर्गमय” — अर्थात् “अंधकार से प्रकाश की ओर चलो।”यह प्रकाश बाहर का नहीं, हमारे भीतर के विचारों का है —जो मनुष्य को संवेदनशील, समर्पित और सजग बनाता है।
भगवान बुद्ध के वचन —“अप्प दीपो भव” (स्वयं अपना दीप बनो) —आज भी भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं।ताप्ती सेवा समिति ने इन्हीं विचारों के साथ दीपावली पर्व का शुभारंभ माँ ताप्ती के आशीर्वाद से किया। स्वच्छता, सजावट और सेवा से सजी ताप्ती तट की दीपावलीकार्यक्रम की शुरुआत समिति के सदस्यों ने ताप्ती तट पर स्वच्छता अभियान से की।
सदस्यों ने स्वयं अपने हाथों में झाड़ू लेकर तट की सफाई की, इसके बाद रंग-बिरंगी रंगोलियाँ बनाई गईं और गेंदे के फूलों से माँ ताप्ती का मनमोहक द्वार सजाया गया।आदरणीय तपन पाठक महाराज जी के सान्निध्य में भजन, आरती और “जय माँ ताप्ती” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
दीपों की पंक्तियाँ, फूलों की महक और स्वच्छ तट ने दीपावली को एक अनोखा आध्यात्मिक रूप प्रदान किया। ताप्ती से घरों तक पहुँचा प्रकाश का संकल्पसमिति के सदस्यों ने संकल्प लिया कि“जब तक ताप्ती तट पर प्रकाश और स्वच्छता नहीं फैलेगी, हमारे घरों की दीपावली अधूरी रहेगी। माँ ताप्ती की आरती के उपरांत ही सभी सदस्य अपने-अपने घरों में जाकर माँ लक्ष्मी की पूजा और दीप प्रज्वलित करेंगे।
इस अवसर पर अध्यक्ष श्रीमती सरिता राजेश भगत, सचिव श्री धर्मेंद्र सोनी, श्री अभय बालापुरकर, श्री पुनीत साकले, श्री मोहन दलाल, एडवोकेट भूपेंद्र जूनागढ़े, श्री विवेक हकीम आदि उपस्थित रहे।“ताप्ती का प्रकाश ही हमारी दीपावली का प्रथम दीप है।
