मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

छिंदवाड़ा जिले में लगातार कफ सिरप से बच्चों की मृत्यु के मामले सामने आ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर प्राथमिक इलाज के बाद मरीजों को सीधे नागपुर रेफर किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कफ सिरप के सेवन से बच्चों की किडनी में संक्रमण (इन्फेक्शन) हो रहा है, जिसके चलते कई बच्चों का इलाज नागपुर में चल रहा है। मध्यप्रदेश का स्वास्थ्य तंत्र इस मामले में लाचार नजर आ रहा है, जिससे बच्चों के परिजनों को महाराष्ट्र जाकर इलाज करवाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
जिले में स्थानीय स्तर पर इलाज की उचित सुविधाओं का अभाव भी देखने को मिल रहा है। जुन्नारदेव विधानसभा के अंतर्गत तामिया की मासूम बच्ची धानी डेहरिया की सोमवार रात किडनी इन्फेक्शन के कारण मौत हो गई। इस घटना को लेकर कांग्रेस पर्यवेक्षक घनश्याम तिवारी के नेतृत्व में धरना दिया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि मृतक बच्ची के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए और खुलेआम घूम रहे दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा प्रस्तावित उच्चस्तरीय मेडिकल कॉलेज की राशि रोक दी गई, जिससे जिले की जनता स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हो गई है। उन्होंने कहा कि किडनी फेल होने से पीड़ित बच्चों को इलाज मध्यप्रदेश में नहीं मिल पा रहा है, जबकि सरकार बड़ी-बड़ी बातें कर रही है।
कांग्रेस ने कहा कि मुख्यमंत्री के छिंदवाड़ा दौरे के दौरान उन्होंने केवल “घड़ियाली आंसू” बहाए और कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पार्टी ने इस पूरे मामले की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
