नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

ग़लत GST से 8 साल में जनता की जेब से 55 लाख करोड़ रुपए लूटने वाली मोदी सरकार बचत उत्सव मना रही है। देश मे पंजाब , महाराष्ट्र , बिहार , उत्तराखंड , हिमाचल प्रदेश , जम्मू कश्मीर , पश्चिम बंगाल में जलप्रलय से मातम है। महाराष्ट्र में सरकार नाम की संस्था सरकार में शामिल मंत्रियों की बेनामी संपत्ति की हिफाज़त करने के लिए है ऐसा प्रतीत हो रहा है। जनता की प्रचंड नाराज़गी के बावजूद भी RSS की शिफारिश पर दूसरी बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनाए गए देवेन्द्र फडणवीस प्राकृतिक आपदा की स्थिति में पूरी तरह से फेल साबित होते नज़र आ रहे हैं। लोग उद्धव ठाकरे के कार्यकाल को याद कर रहे हैं। विपक्ष सरकार की आलोचना करने लगा तब जा कर कैमर जीवी मंत्री शर्म के मारे किसानों के बीच खेतो में पहुंचने लगे है। 70 लाख एकड़ खेती पानी में बह चुकी है।
मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस केंद्र सरकार से आर्थिक पैकेज की मांग करना छोड़कर आम लोगो से सहायता की अपील कर रहे हैं। कोरोना महामारी में मंदिर पॉलिटिक्स करने वाले देवेन्द्र फडणवीस अब विपक्ष को राजनीति नहीं करने की सलाह दे रहे है। मराठवाड़ा इलाके से पिछले छह महीने में 1200 किसानों ने कर्ज़ से तंग आकर आत्महत्या की है। वर्तमान समय में सरकार ने किसानों की कर्ज़ माफ़ी नहीं की तो यह आंकड़ा बढ़ सकता है। सरकार किसानों को एक हेक्टेयर के लिए 12 हजार मुआवजा देने पर विचार कर रही है जो न्याय संगत नहीं है। बीजेपी शासन में 9 लाख 58 हजार करोड़ रुपए के क़र्ज़ में डुबो दिए महाराष्ट्र की कर्ज़ लेने की आर्थिक हैसियत ख़त्म हो गई है। राज्य सरकार ने मात्र 2215 करोड़ रिलीज़ किया है। केंद्र सरकार की ओर से ठेंगा दिखाए जाने के बाद पंजाब ने अपने पुनर्निर्माण के लिए “मिशन चढ़दीकला” मुहिम आरंभ कर दी है। वोट चोरी के आरोप पर चुनाव आयोग के प्रवक्ता बन जाने वाले CM देवेन्द्र फडणवीस को केंद्र से PM CARE फंड मे जमा राज्य का हिस्सा मांगने की हिम्मत करनी चाहिए।
