अपनी आकांक्षाओं एवं अपनी क्षमता के मध्य सामंजस्य स्थापित करते हुए अपने लक्ष्य को निर्धारित करें: डॉ संतोष गुप्ता | New India Times

वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

अपनी आकांक्षाओं एवं अपनी क्षमता के मध्य सामंजस्य स्थापित करते हुए अपने लक्ष्य को निर्धारित करें: डॉ संतोष गुप्ता | New India Times

विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर एक गोष्ठी का आयोजन मेडिकल कालेज देवकली में प्रधानाचार्या प्रो डॉ वाणी गुप्ता की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें बतौर अतिथि सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता ने शिरकत की। इस दौरान जिला महिला चिकित्सालय सीएमएस डॉ अमित कुमार गुप्ता व डिप्टी सीएमओ डॉ अमित सिंह भी मौजूद रहे। गोष्ठी में मेडिकल कालेज में शिक्षारत छात्र-छात्राओं को आत्महत्या जैसे गंभीर विषय पर विशेषज्ञ चिकित्सको द्वारा जानकारी दी गई।

गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता ने कहा कि जीवन चुनौती पूर्ण है आप किसी भी स्थिति में जहां पहुंचे आपके साथ के तमाम विद्यार्थी वहां तक नहीं पहुंच सके। उनके लिये अलग चुनौतियां हैं व आपके लिये अलग चुनौतियां हैं। इससे पहले आप सुरक्षित  वातावरण में परिवार के साथ थे, यहां आपके साथ नई चुनौतियां है। नये शहर नये प्रांगण में आप अपनी जिन्दगी का एक नया अध्याय लिखने की ओर अग्रसर है। तमाम चुनौतियां आपके सामने आएंगी इनसे घबराना नहीं है। जहां एक रास्ता बन्द होता है वहां दो नये रास्ते खुल जाते है।

आप अपनी आकांक्षाओं एवं अपनी क्षमता के मध्य सामंजस्य स्थापित करते हुए अपने लक्ष्य को निर्धारित करें। कभी जहन में आत्महत्या जैसा ख्याल आये तो अपने नजदीकियों, सहपाठियों व दोस्तो से बात करें। वर्तमान समय में जिन्दगी में अच्छे दोस्त होना बहुत जरूरी है परन्तु यह आपकी सोशल मिडिया की फैन फालोइंग से काफी अलग होता है। असली जिन्दंगी सोशल मिडिया से काफी अलग है। यहां संघर्ष से ही सब कुछ मिलता है। संघर्षों से घबराकर हार मानकर कोई भी गलत ख्याल मन में लाना आपकी जिन्दंगी के लिए घातक हो सकता है।

आत्मविश्वास में कमी आपको आत्महत्या के लिए प्रेरित कर सकती है: डॉ वाणी गुप्ता

इस दौरान प्रधानाचार्या प्रो डा वाणी गुप्ता ने बताया कि आपकी सोच अलग अलग हो सकती है। आप किसी भी चीज को जिस सोच के साथ देखते है वह वैसे ही दिखने लगती है। आपकी अत्याधिक अपेक्षाएं भी आपके लिये नुकसान दायक हो सकती है। अगर आपके हिसाब से सब कुछ हो रहा है तो आप कभी भी आत्महत्या के बारे में नहीं सोचते है परन्तु जैसे ही चीजें आपकी सोच के विपरीत होने लगती हैं तो मन में नकारात्मकता भर जाती है। ऐसे में आत्मविश्वास में कमी आपको आत्महत्या के लिए प्रेरित कर सकती है। अगर कोई समस्या आपके सामने आती है तो उसके बारे में अधिक से अधिक लोगो से बता सकते है। जिससे आपकी समस्या का समाधान हो सके। आत्महत्या एक सामाजिक क्रियाकलाप है यह मानसिक बिमारी नहीं है।

जीवन चुनौतियों से भरा हुआ, हर दिन एक नई चुनौती: सीएमएस

जिला महिला चिकित्सालय सीएमएस डॉ अमित कुमार गुप्ता ने बताया कि जीवन चुनौतियों से भरा हुआ है हर दिन एक नई चुनौती हम सब के सामने होती है अगर आप लोगो की बात की जाये आप लोग भी कम्पटीशन से जूझ रहे है। कभी मार्क कम आने की चिंता है तो कभी अपने सहयोगी से आगे निकलने का तनाव, आपके मन में तमाम उतार चढाव पैदा करता है, ऐसे मेें आपके विचारो से अलग कुछ भी होना कई बार आपके मन में आत्महत्या की प्रेरणा बन जाता है। ऐसे में कम्पटीशन करें, परन्तु उसे अपने मन में आत्मग्लानि न लाएं जो आपको आत्महत्या के लिये प्रेरित करे।

15 से 29 वर्ष की आयु के किशोर व किशोरियाँ, युवक व युवतियां कर लेते हैं आत्महत्या: डॉ अमित सिं

कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डा अमित सिंह ने कहा कि विश्व में 8 लाख से अधिक लोग आत्महत्या कर लेते हैं जिसमें से करीब 74 प्रतिशत आत्महत्याएं कम आय वाले देशों में होती हैं चिन्ता का विषय इस लिये भी है क्योंकि 15 से 29 वर्ष की आयु के किशोर व किशोरियाँ, युवक व युवतियाँ आत्महत्या कर लेते है। ऐसे लोगों को बचाने के लिये राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम जनपद में संचालित है जिसके अन्तर्गत जिला चिकित्सालय सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी काउन्सलिंग की सुविधा व उपचार मिल रहा है।

मनोचिकित्सक डा अखिलेश शुक्ला ने अपने सम्बोधन में कहा कि भारत में परिवारिक कलह व सोशल मीडिया भी आत्महत्या के प्रमुख कारणों में शमिल है। आप लोग मेडिकल के स्टूडेन्ट हैं, जहां पर पढाई का प्रेशर ज्यादा होता है ऐसे में तमाम चुनौतियां आती है जिन पर आत्मचिन्तन व चर्चा कर उनसे बाहर निकला जा सकता है। इस दौरान असिस्टेंट प्रो डॉ विनीत व एफएमजी इर्न्टन डॉ जानवी शुक्ला ने भी अपने विचार व्यक्त किये। जिला  एनसीडी सेल से डॉ राकेश गुप्ता, विजय वर्मा, स्तुति कक्कड, अतुल पाण्डेय, देव नन्दन श्रीवास्तव व विवेक मित्तल भी मौजूद रहे।

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