गणेश मौर्या, ब्यूरो चीफ, अंबेडकर नगर (यूपी), NIT:
जिले के लाखों ग्राहकों के विश्वास के साथ दो बैंकों ने विश्वास घात किया.. बैंक ऑफ़ इंडिया भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारी ने मिलकर बैंक कस्टमर के साथ 75000 के चेक को डेढ़ लाख रुपए में बदलकर चूना लगा दिया। किसी के साथ अगर साइबर फ्रॉड होता है तो वह बैंक की मदद लेता है लेकिन एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें बैंककर्मी ने ही एक कस्टमर को चुना लगा दिया। अंबेडकर नगर अकबरपुर पुलिस ने धोखाधड़ी और साइबर फॉड के आरोप में बैंक ऑफ़ इंडिया और भारतीय स्टेट बैंक के मैनेजर से कड़ी पूछताछ की।

ठगी के शिकार हुए घनश्याम मौर्या निवासी तमसा मार्ग अकबरपुर,ने 30 अगस्त 2025 को अपने एस०बी०आई० खाता सं०:-30747407151 चेक संख्या 593129 से बैंक आफ इण्डिया शाखा अकबरपुर, के खाते से पचहत्तर हजार रुपये की धनराशि ट्रांसफर के लिए बैंक आफ इण्डिया अकबरपुर की पेटिका में दिनांक 30 अगस्त 2025 की दोपहर 2:30 बजे से 3:15 बजे के मध्य चेक पर्ची सहित स्वयं डाला था जिसकी छाया प्रति उपभोक्ता के पास अभी भी मौजूद है।

1 सितंबर 2025 को समय रात्रि 11:21 बजे हमारे खाते से (एस०बी०आई०) नेफ्ट के माध्यम से रु0 1.49,985.84 (एक लाख उन्चास हजार नौ सौ पिच्चासी रुपये चौरासी पैसे डेबिट का मैसेज प्राप्त हुआ देखकर घनश्याम मौर्य की पैरों तले जमीन खिसक गई अत्यंत आपत्तिजनक व बैंक की सेवा के प्रति संदेहास्पद है। इसके बाद उपभोक्ता ने इसकी शिकायत बैंकिंग लोकपाल रीजनल ऑफिस आरबीआई को सूचना दी गई की बैंक के द्वारा इस तरह का फ्रॉड किया गया।

बैंक पेटिका में डाली गयी चेक सं० “593129” दिनांक 30 अगस्त 2025 का सम्बन्धित खाते में अन्तरण कराते हुये 1 सितंबर 2025 को नेफ्ट के माध्यम से मेरे खाते से दीगर खाते में अन्तरित धनराशि रु0 1.49,985.84 (एक लाख उन्चास हजार नौ सौ पिच्वासी रुपये चौरासी पैसे मात्र) के सम्बन्ध में गहन जांच करना आवश्यक है ऐसा प्रतीत होता है कि बैंक आफ इण्डिया शाखा अकबरपुर के कर्मचारियों द्वारा मिली भगत करके किसी असामाजिक तत्व को उक्त चेक हस्तगन करा दिया जो बाद में मेरे ही एस०बी०आई एकाउन्स से NEFT के जरिये भुगतान कर दिया गया प्रकरण में बैंक आफ इण्डिया सहित स्टेट बैंक आफ इण्डिया मेन ब्रांच अकबरपुर की भूमिका संदिग्ध है।
