धार में प्रशिक्षण कार्यक्रम: मिट्टी के गणेश ही क्यों हैं श्रेष्ठ, जानिए पुराणों का महत्व | New India Times

पंकज शर्मा, ब्यूरो चीफ, धार (म.प्र.), NIT:

धार में प्रशिक्षण कार्यक्रम: मिट्टी के गणेश ही क्यों हैं श्रेष्ठ, जानिए पुराणों का महत्व | New India Times

विकासखंड स्तरीय सक्रीयकरण बैठक सह प्रशिक्षण दिनांक 18/08/2025 विकासखण्ड तिरला जिला धार (म.प्र.) इस अवसर पर उपस्थित श्री नवनीत रत्नाकर जिला समन्वयक अधिकारी, श्रीमती रजनी यादव ब्लॉक समन्वयक अधिकारी, श्री अभय जी किरकिरे (मूर्तिकार) व नवांकुर संस्था सदस्य, प्रसफुटन समिति सदस्य, CMCLDP Students, नवांकूर सखी की उपस्थिति में मूर्तिकार श्री अभय जी किरकिरे द्वारा गणेश चतुर्थी पर मिट्टी के गणेश ही स्थापित करने चाहिए, क्योंकि ग्रंथों में मिट्टी को पवित्र माना गया है। जानकारों का कहना है कि कलयुग में मिट्टी की प्रतिमा को ही ज्यादा महत्व बताया गया है। ऐसी मूर्ति में भगवान गणेश के आवाहन और पूजा से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मिट्टी की मूर्ति में पंचतत्व होते हैं इसलिए पुराणों में भी ऐसी प्रतिमा की पूजा का ही विधान बताया गया है।

मिट्टी के गणेश ही क्यों शिवपुराण का कहना है कि देवी पार्वती ने पुत्र की इच्छा से मिट्टी का ही पुतला बनाया था, फिर शिवजी ने उसमें प्राण डाले थे। वो ही भगवान गणेश थे। शिव महापुराण में धातु की बजाय पार्थिव और मिट्‌टी की मूर्ति को ही महत्व दिया है। मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा की पूजा करने से कई यज्ञों का फल मिलता है। आचार्य वराहमिहिर ने भी अपने ग्रंथ बृहत्संहिता में पार्थिव या मिट्टी की प्रतिमा पूजन को ही शुभ कहा है। मूर्तिकार श्री किरकिरे जी उद्बोधन के तत्पश्चात मिट्टी से गणेश जी बनाकर बताया गया, उसके बाद CMCLDP students व नवांकुर सखी द्वारा भी मिट्टी से गणेश जी बनाए।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version