नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

भारत गणराज्य के सभी 28 राज्यों में महाराष्ट्र पर बीजेपी ने 11 साल में 09 लाख 34 हजार करोड़ रुपए का रेकॉर्ड ब्रेक कर्ज़ चढ़ा दिया है। 2029 तक RBI को ब्याज के साथ तीन लाख करोड़ रुपए का भुगतान करने के बाद महाराष्ट्र सरकार को नया लोन मिलेगा। फडणवीस सरकार के तमाम मंत्रालयों के लिए बजट में निर्धारित किया गया पैसा तिज़ोरी में नहीं है। सिंचाई विभाग को दो हिस्सों और दो कैबिनेट मंत्रियों में बांटने के बाद इस विभाग की मध्यम स्तर की योजनाओं को पैसों के अभाव से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में शामिल कराया जा रहा है। विदर्भ उत्तर महाराष्ट्र कोंकण डिविजन में प्रकाशा बुराई लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार ने 800 करोड़ आबंटित किए लेकिन देने के लिए पैसा नहीं है।

अमलनेर का पाड़लसरे बीते बीस साल से पूरा नहीं किया जा सका है। पाडलसरे का केंद्र के कृषि सिंचाई योजना में समावेश किया गया है जिसके बाद राज्य सरकार को केंद्र से 860 करोड़ मिलेंगे। पैसों के अभाव के कारण सैकड़ों इरिगेशन प्रोजेक्ट है जिनको हर साल केवल इस लिए नवीनतम प्रशासनिक मान्यता दी जा रही है ताकि यह प्रोजेक्ट्स केंद्र की ओर से मिलने वाले फंड्स पॉलिसी में जिंदा रह सके। इरिगेशन विभाग पर 12 हजार करोड़ रुपए का बकाया है।
तिज़ोरी में पैसा नहीं होने के चलते मीडिया में नॉन इश्यू को इश्यू बनाकर पेश करने वाली देवेन्द्र फडणवीस सरकार के दिमाग में यह कल्पना भी आ सकती है कि क्यों न जनता के प्रॉपर्टी कार्ड पर कर्ज़ का बोझा लिख दिया जाए। राहुल गांधी द्वारा वोट चोरी का भंडाफोड़ किए जाने के बाद जनता के बीच फडणवीस सरकार की साख गिर चुकी है। आर्थिक रूप से दिवालिया कर दिए गए महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की उठती हुई मांग कल देवेन्द्र फडणवीस सरकार को सत्ता से बाहर भी कर सकती है।
