अंकित तिवारी, ब्यूरो चीफ, प्रयागराज (यूपी), NIT:

‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ नारे के साथ भाकपा (माले) के तीन दिवसीय (9-11अगस्त) राष्ट्रव्यापी विरोध के आह्वान पर कचहरी में प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति भारत नई दिल्ली तथा मुख्य न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली को सम्बोधित तीन सूत्रीय ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी श्याम बिहारी को सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान पार्टी के जिला प्रभारी सुनील मौर्य ने कहा कि एक ओर मोदी सरकार नफ़रत और विभाजनकारी नीतियों से देश के सामाजिक ताने-बाने को ध्वस्त कर रही है वहीं वोटों की बड़े पैमाने पर चोरी से देश के लोकतंत्र का अपहरण कर लिया है। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों में बंगलूरू सेंट्रल लोक सभा क्षेत्र के महादेव पुरा विधानसभा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चुनावी धोखाधड़ी के स्पष्ट सबूत विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा सार्वजनिक रूप से पेश किए जाने और बिहार में ऐन चुनाव के मौके पर चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में लाखों की संख्या में भाजपा विरोधी मतदाताओं को सूची से बाहर कर देने की घटना यह साबित कर रही है। इससे पूरे देश में लोगों का मोदी सरकार से विश्वास उठ गया है और देश में उनसे इस्तीफा देने की उठ रही है। उन्होंने मोदी सरकार से गद्दी छोड़ने की मांग की।
माले राज्य कमेटी सदस्य भानु कुमार ने कहा कि वोट देने का राजनीतिक अधिकार संविधान देता है और देश के सभी नागरिकों को एक वोट देने का अधिकार ही अधिकार है और उसका मूल्य भी समान है लेकिन वोट लूट कर सरकार लोकतंत्र और संविधान को खत्म कर रही है। बाबा साहब डॉ भीम राव अंबेडकर ने भी इसका अंदेशा जताया था कि सामाजिक और आर्थिक गैरबराबरी खत्म नहीं हुई तो राजनैतिक अधिकार भी छिन जाएगा। आज वही बात सच दिखाई दे रही है।
भाकपा माले ने लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई को मजबूत करेगी।
विरोध प्रदर्शन में सुनील मौर्य, भानु, सोनू यादव, विवेक कुमार, नीरज, एड. धीरेन्द्र यादव, ए के चौधरी आदि लोग शामिल रहे।
