मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:

मैहर जिले के धतूरा पंचायत के आदिवासी बाहुल्य गांव दसईपुर के ग्रामीणों ने अपने पूर्वजों की मुक्तिधाम भूमि को संरक्षित करने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर मैहर को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी हल्का नंबर 37 की आराजी संख्या 142/1 पर स्थित यह भूमि, जिसका उपयोग वे लंबे समय से अंतिम संस्कार के लिए करते आ रहे हैं अब खतरे में ग्रामीणों का कहना है कि यह एकमात्र ऐसी जगह है जहाँ अपने मृतकों का अंतिम संस्कार व्यवस्थित तरीके से कर सकते हैं भूमि सरकार द्वारा अधिग्रहीत कर ली जाती है, तो उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि पूर्व जनप्रतिनिधियों ने भी इस स्थान को मुक्तिधाम के रूप में विकसित करने का प्रयास किया था लेकिन आज तक यह संभव नहीं हो पाया गोंडवाना साम्राज्य के नेता कमल सिंह मरकाम की चेतावनी गोंडवाना साम्राज्य के नेता और एडवोकेट कमल सिंह मरकाम ने इस मामले में जिला प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को अक्सर अत्याचारों, बेघर करने और उनकी संपत्ति हड़पने का शिकार बनाया जाता है, क्योंकि भोले भाले सीधे-सादे होते हैं मरकाम ने प्रशासन को सुधर जाने की चेतावनी देते हुए कहा कि इस देश का आदिवासी समाज अब इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होंने जिला प्रशासन और सत्ता में बैठे लोगों से आग्रह किया कि इस ज्ञापन पर विचार करें और मुक्तिधाम के लिए भूमि अधिग्रहण होने से रोकें उन्होंने मांग की है कि धतूरा पंचायत के आदिवासी बस्ती दसईपुर स्थित पटवारी हल्का नंबर 37 की शासकीय आराजी खसरा नंबर 142/1 को मुक्त कर मुक्तिधाम निर्माण कराया जाए उग्रआंदोलन की तैयारी ग्रामीण समेत एडवोकेट कमल सिंह मरकाम ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता है, तो वे धरना प्रदर्शन और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे उन्होंने चेतावनी दी कि इसकी पूरी जवाबदेही शासन और प्रशासन की होगी जिला स्तर पर भी बात नहीं बनती है, तो आंदोलन का स्वरूप प्रदेशव्यापी हो जाएगा आदिवासी अपने मान-सम्मान के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे
