नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:
महाराष्ट्र की देवेन्द्र फडणवीस सरकार कारपोरेट के चरण वंदन में इतनी दोगली हो चुकी है कि सदन में जनता से किए गए वादों के विपरीत काम ग्राउंड पर कर रही है। जलगांव जिले के प्रत्येक ब्लॉक में हर घर पर किसी Kambeel नामक कंपनी के स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर लगाए जा रहे हैं। ठेकेदार के लोग सरकारी बिजली बोर्ड के स्थानीय कर्मचारियों को साथ लेकर मार्केट गली मोहल्ले कालोनियों में जा कर पुराने मीटर जांचते है। पिछले तीन चार महीने के बिजली के भुगतान किए हुए बिल और बिजली का इस्तेमाल इन दोनों को मिलाकर देखने के बाद सीधा नया स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर दीवार पर ठोक देते हैं।
स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर जनता मे प्रचंड आक्रोश को भांपकर मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने वर्तमान मानसून सत्र के दौरान सदन में कहा है कि स्मार्ट मीटर को ग्राहक की मर्जी के ख़िलाफ़ जबरन नहीं लगाया जाएगा। फडणवीस का सदन में दिया गया भाषण हम जनता के हित के लिए खबर में चला रहे है। विदित हो कि कई ठिकानों पर यह पाया गया है कि महीने का लाख रुपए वेतन कमाने वालों ने अपने डिजिटल बिजली मीटर को बायपास करवा रखा है। बिजली चोरी और मीटर मे की गई हेराफेरी जैसे अपराधों को खोजने के लिए बिजली बोर्ड की ओर से स्वतंत्र रूप से सघन जांच मुहिम चलाई जानी चाहिए।
प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर को उपभोक्ताओं पर थोपने के लिए सरकार मीटर कंपनी के साथ मिलकर ग्राहकों की असहमति को कुचल रही है। वैसे कल को स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर बिल से पीड़ित आप नागरिक जब अपने मंत्री विधायक के पास शिकायत करने जाएंगे तब वो आपसे कहेंगे मैंने तुमको मुफ़्त में तीर्थ यात्रा करवाकर पुण्य पा लिया अब तुम अपना दुखड़ा मुझे नहीं भगवान को सुनाओ।
