गुलशन परूथी, ब्यूरो चीफ, दतिया (मप्र), NIT:
मेडिकल कॉलेज दतिया के एक चिकित्सा छात्र ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए समय पर रक्त दान कर एक गंभीर मरीज की जान बचाई। जानकारी के अनुसार, एक मरीज प्रियंका पाल को एटॉनिक पीपीएच के कारण तत्काल खून की आवश्यकता थी, लेकिन उस समय ब्लड बैंक में आवश्यक ब्लड ग्रुप उपलब्ध नहीं था।
इस स्थिति की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्र बृजेश अहिरवार ने बिना किसी संकोच के रक्तदान करने का निर्णय लिया। छात्र ने बताया कि
यदि रक्तदान से किसी की जान बच सकती है तो इससे बड़ा पुण्य कोई नहीं।
प्रसूति रोग विभाग के सभी चिकित्सकों ने छात्र के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की और अन्य विद्यार्थियों को भी इससे प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
यह घटना न केवल चिकित्सा सेवा में समर्पण को दर्शाती है, बल्कि समाज में युवा डॉक्टरों की सकारात्मक भूमिका को भी रेखांकित करती है।
