रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

हर वर्ष 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है। यह दिन हिंदी भाषा में पत्रकारिता की शुरुआत को स्मरण कराता है, जब 30 मई 1826 को पहला हिंदी समाचार पत्र “उदन्त मार्तण्ड” प्रकाशित हुआ था जिसके संपादक पंडित जुगल किशोर शुक्ल थे इस दिन को मनाने का उद्देश्य हिंदी भाषा में पत्रकारिता के महत्व को उजागर करना और इस क्षेत्र में कार्यरत लोगों को सम्मानित करना है उसी कड़ी में थांदला क्षेत्र के पत्रकारों ने ऐतिहासिक रूप से थांदला की अनमोल होटल में एक पत्रकार संगोष्ठी का आयोजन किया जिसमें नगर के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्रों के भी पत्रकार बड़ी संख्या में शामिल हुए।आयोजन में पत्रकारिता के गुणदोषों पर हुई चर्चा
किसने क्या कहा =====
वरिष्ठ पत्रकार उमेशचंद्र शर्मा ने अपने उद्बोधन में थांदला क्षेत्र की पत्रकारिता को बेहतर पत्रकारिता कहते हुए सभी युवा पत्रकारों की तारीफ की उन्होंने उन बीते दिनों की यादें ताजा करते हुए कहा कि वह एक समय था जब प्रेस में समाचार भेजने के लिए फैक्स करना पड़ता था लैपटॉप मोबाइल का अभाव था लेकिन आज उच्च टेक्नोलॉजी के जरिए पत्रकारिता का स्तर बहुत आगे बढ़ा है।

आयोजन में पत्रकारिता के गुणदोषों पर हुई चर्चा
किसने क्या कहा =====
वरिष्ठ पत्रकार उमेशचंद्र शर्मा ने अपने उद्बोधन में थांदला क्षेत्र की पत्रकारिता को बेहतर पत्रकारिता कहते हुए सभी युवा पत्रकारों की तारीफ की उन्होंने उन बीते दिनों की यादें ताजा करते हुए कहा कि वह एक समय था जब प्रेस में समाचार भेजने के लिए फैक्स करना पड़ता था लैपटॉप मोबाइल का अभाव था लेकिन आज उच्च टेक्नोलॉजी के जरिए पत्रकारिता का स्तर बहुत आगे बढ़ा है।
वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश भट्ट ने अपनी बात रखते हुए कहा कि आज के समय हिंदी पत्रकारिता का महत्व बहुत बढ़ गया है युवा पत्रकारों में आज एक नया जोश देखने को मिलता है साथ ही उन्होंने पद्मावती नदी की सफाई ओर सौंदर्यकरण पर भी अपने विचारों को रखा
वही वरिष्ठ पत्रकार सुधीर शर्मा ने अपने उद्बोधन में छोटे अखबारों और न्यूज पोर्टलों को काफी ज्यादा महत्वपूर्ण बताया उन्होंने कहा कि छोटे अखबारों न्यूज पोर्टलों में छोटी से छोटी खबर विस्तार से प्रकाशित होती हैं उन्होंने सभी के बीच अपनी बात रखते हुए कहा कि हमें कोई भी समाचार प्रकाशित करने से पहले उसे एक से दो बार जरूर पढ़ना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की कोई गलती की गुंजाइश न रहे।
वरिष्ठ पत्रकार अक्षय भट्ट ने अपने उद्बोधन में कहा की हम सब हिंदी के पत्रकार है ओर हमें हमेशा इस दिवस को प्राथमिक से मनाना चाहिए ये हम सभी के लिए गौरव की बात है।
वरिष्ठ पत्रकार राजू वैध
पत्रकार राजू वेद ने चिर परिचित अंदाज में अपने उद्बोधन में कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता करना चुनौती पूर्ण कार्य हो गया है आज की पत्रकारिता कही न कही दबी सी रह गई है एक समय था जब थांदला क्षेत्र की पत्रकारिता का लोहा माना जाता था लेकिन आज दबंगता तो कम चाटुकारिता ज्यादा हावी हो गई है।
वरिष्ठ पत्रकार मुकेश अहिरवार ने अपने उद्बोधन में सभी पत्रकारों को एकजुटता बना के कार्य करने को कहा तथा अपने समाचार पत्रों पोर्टलों आदि में अपने समाचारों को तथ्यपूर्ण रूप से प्रकाशित करने की बात कही
वरिष्ठ पत्रकार मनोज उपाध्याय
उपाध्याय ने अपने उद्बोधन में पत्रकारिता के महत्व को बताते हुए कहा कि हम सभी पत्रकार चौथा स्तंभ है हमे हमेशा जनहित के मुद्दों को उठाना चाहिए जिसकी उम्मीद जनता भी हमसे करती है
युवा पत्रकार धवल अरोड़ा ने अपना वक्तव्य देते हुए कहा कि हिंदी पत्रकारिता दिवस की शुरुवात कहा से हुई उदंत मार्तंड पहला हिंदी अखबार था जिसके संपादक युगल किशोर शुक्ल थे यही से शुरुवात हिंदी पत्रकारिता दिवस से मानी जाती है
वरिष्ठ समकित तलेरा ने अपने बात रखते हुए कहा कि आगामी समय में यदि हम इस तरह के आयोजन मनाते है तो हम कोशिश करे कि सभी पत्रकार साथी हमारे दिवंगत साथियों की स्मृति में रक्तदान कर इस तरह के आयोजनों को मनाया इस बात का समर्थन सभी पत्रकारों ने भी किया।
पत्रकार वत्सल आचार्य
आचार्य ने अपने उद्बोधन में सभी पत्रकारों को एक शक्ति के रूप में बताया उन्होंने कहा कि यदि हम सभी इस तरह एक जुट हो कर कोई कार्यवाही करे तो प्रशासन को भी हमारी बातों को तवज्जो देना पड़ेगी।
युवा पत्रकार सिद्धार्थ कांकरिया
कांकरिया ने अपने उद्बोधन में हिंदी भाषा पर विशेष चर्चा करते हुए कहा कि हम सभी को अपने समाचारों में खबरों को प्रकाशित करने से पहले शब्दों का चयन मात्राओं का ध्यान रखना चाहिए ताकि हमारी लेखनी पर किसी भी प्रकार से कोई प्रश्न चिन्ह न उठा सके। आयोजन के अंत में दिवंगत पत्रकार साथियों के परिजनों का सम्मान भी किया गया जिसमें भाजपा के पितृ पुरुष और वरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मीनारायण पाठक की पुत्री पत्रकार पिंकी पाठक ,वही दिवंगत कुंदन अरोड़ा के पुत्र पत्रकार गौरव अरोड़ा ,दिवंगत पत्रकार राकेश पाठक के पुत्र एडवोकेट तन्मय पाठक ,को वरिष्ठ पत्रकारों के द्वारा सम्मानित किया गया।
अंत में सभी पत्रकारों ने जलपान कर आगामी समय में हिंदी पत्रकारिता दिवस को ओर अधिक ऊर्जा के साथ भव्य रूप में मनाने को लेकर सहमति दी आयोजन में वरिष्ठ पत्रकार डॉ.उमेश चंद्र शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार ओम प्रकाश भट्ट, वरिष्ठ पत्रकार सुधीर शर्मा, अक्षय भट्ट, अधिमान्य पत्रकार मनोज उपाध्याय, मुकेश अहिरवार, राजू वैध, समेकित तलेरा, आत्माराम शर्मा,धवल अरोड़ा,वत्सल आचार्य, जावेद खान, पवन नाहर, राजू धानक, हरीश पांचाल, दिनेश बैरागी, रितेश गुप्ता, राजेश डामर, सिद्धार्थ कांकरिया, गौरवअरोड़ा,
पिंकी पाठक, शहीद खान, शहीद जैनब, अनिल शिवदे, विवेक व्यास, बंटी भारती, मनीष वाघेला , संदीप वर्मा, रियाज मोहम्मद ,धीरज वाघेला उमेश पाटीदार, अकलेश रावत, तन्मय पाठक आदि उपस्थित रहे।
