आलम वारसी, ब्यूरो चीफ, मुरादाबाद (यूपी), NIT:

जनपद मुरादाबाद के सिविल लाइन स्थित जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सत्कर्ताओं एवं मॉनिटरिंग समिति की एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में अनुसूचित वर्ग की विभिन्न समस्याओं को उजागर करने के साथ-साथ सदस्यों द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए। बैठक में शामिल अनुसूचित जाति जनजाति जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति के सदस्य बाले चरण वाल्मीकि द्वारा अनुसूचित वर्ग की महत्वपूर्ण समस्याओं को उजागर करने के साथ-साथ सुझाव भी दिए गए। अनुसूचित जाति जनजाति के सदस्य बालेचरन वाल्मीकि ने अनुसूचित वर्ग की कुछ अति महत्वपूर्ण समस्याओं के संबंध में एक चार सूत्रीय प्राथना पत्र भी जिला अधिकारी को सौंपा है।
जिसमें अनुसूचित जाति जनजाति के सदस्य बालेचरन वाल्मीकि ने कहा अनुसूचित वर्ग के विद्यार्थियों का एडमिशन प्राइवेट निजी संस्थान छात्रवृत्ति के आधार पर बीटेक, बीएससी कंप्यूटर साइस, बी फार्मा आदि जो अधिक फीस वाले कोर्स हैं उनमें पढ़ते हैं परंतु छात्रवृत्ति संस्थाओं की फीस के बराबर नहीं आने पर उन छात्रों की डिप्लोमा/डिग्री होल्ड कर लेते हैं, जिससे उन बच्चों का भविष्य अंधकार में चला जाता है ना वह जॉब कर पाते हैं और ना आगे की पढ़ाई कर पाते हैं जब उन छात्रों का एडमिशन होता है तब एक ही शर्त पर होता है कि उनके परिवार की वार्षिक आय 50 हज़ार से कम हो। जब उन बच्चों के परिवार की आय 50000 से कम है तो वह छात्र कैसे संस्थाओं की फीस चुकाकर अपनी डिग्री लेंगे कृपया करके उन छात्रों की डिग्री निजी संस्थानों से दिलवाने के आदेश पारित करने की कृपा करें।
ग्रामीण सामुदायिक शौचालय पर जो केयरटेकर कार्य करते हैं उनकी सैलरी स्वयं सहायता समूह के खाते में आती है जिसके चलते समूह के अध्यक्ष / सचिव केयरटेकर पर मानसिक दवाव बनाते हैं एवं कुछ जगह पूरी सैलरी के पैसे केयरटेकर को नहीं देते हैं, केयरटेकर की सैलरी उनके खाते में डलवाने का आदेश पारित करने की कृपा करें। जिन अनुसूचित वर्ग के लोगों के पास चार-पांच बीघा जमीन है या उससे भी काम है उन लोगों को जमीन बिक्री करने के लिए परमिशन की आवश्यकता होती है। जिसके चलते उनकी जमीन आवश्यकता पड़ने पर उचित दरों पर नहीं बिक पाती है। अनुसूचित वर्ग के लोगों को परमिशन देने के लिए आवेदन की तिथि से समय निर्धारित होना चाहिए कि इस समय सीमा में आपको परमिशन दे दी जाएगी जिसके चलते उन्हें आवश्यकता पड़ने पर अगर वह अपनी जमीन किसी को बेचते हैं तब उनको उस जमीन की सही कीमत मिल सके और वह सही कीमत मिलने पर ही जमीन को बेचे।
कुछ ग्राम पंचायत में अनुसूचित वर्ग के लोगों के लिए शमशान की भूमि आवंटित नहीं है। जिसके चलते वहां के लोगों को मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार करने के लिए रास्ते एवं तालाबों की भूमि का उपयोग करना पड़ता है। ऐसा गांव बिलारी ब्लॉक मे सितारन, भगतपुर ब्लॉक में गिलपुरा है। एवं और अनेक भी इसी प्रकार के गांव हैं जिसका सर्वे आप लेखपाल से कराकर शमशान की भूमि आवंटित करने की कृपा करें। अनुसूचित जाति जनजाति के सदस्य बालेचरन वाल्मीकि ने बताया कि डीएम मुरादाबाद ने उनको पूरा आश्वासन दिया है और उनके प्रार्थना पत्र पर गौर करने की बात भी कही है।
