मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

हज सेवाओं से जुड़े सक्रिय कार्यकर्ता मोहम्मद मोईन उर्फ़ हाजी मतीन अजमल ने बताया कि हज जिंदगी में सिर्फ एक बार फर्ज़ है। हज की बेहतर अदायगी के लिए हज के अरकान और दीगर इन्तेज़ामात का सीखना सभी आज़ीमीन हज (पवित्र हज यात्रा पर जाने वाले हज यात्री) के लिए ज़रूरी हो जाता है।
इसी फ़िक्र के पेशे नज़र इंतज़ामिया कमेटी, जामा मस्जिद असीरगढ़ ज़िला बुरहानपुर के तत्वाधान में जामा मस्जिद असीरगढ़ बुरहानपुर की पूर्व परंपरा अनुसार इस वर्ष भी खंडवा और बुरहानपुर जिले के आज़ीमीन हज के लिए एक रोज़ा तरबियती प्रोग्राम इतवार 20 अप्रैल 2024 को ब मुकाम जामा मस्जिद असीरगढ़ में सुबह 9: 30 बजे से असर तक(शाम के लगभग 5:00 बजे तक) आयोजित किया गया है।
इस हज तरबियती कैंप मे मुफ़्ती रईस अहमद खान साहब क़ासमी शहर मुफ़्ती भोपाल अपने बेहतरीन अंदाज़ में कुरआन व हदीस की रौशनी में रहनुमाई फरमाएंगे। इस हज तरबियती कैंप में मस्तुरात (महिलाओं) के लिए परदे के साथ माकूल इंतज़ाम है।
हज वेलफेयर सोसाइटी के ज़िला अध्यक्ष हाजी मोहम्मद अली अंसारी उर्फ़ दादा ने बताया कि बुरहानपुर के हाजियों के लिए असीरगढ़ तक जाने और वापसी आने के लिए वाहनों की उचित व्यवस्था की गई है। बुरहानपुर में पुराने सिविल कोर्ट के पास, जय स्तंभ से सुबह 8:00 बजे से वाहन उपलब्ध रहेगी। आयोजनकर्ताओं की ओर से सुबह नाश्ता और दोपहर के खाने का नज़्म भी किया गया है। पवित्र हज यात्रा 2025 पर जाने वाली सभी लोगों से आयोजन कर्ताओं ने इस एक रोज़ा हज तरबीयत कैंप में शिरकत करने की अपील की है।
