नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

अमूमन एक हजार करोड़ रुपए की लागत से मंजूर जलगांव जिले के पाचोरा से जामनेर ब्रॉडगेज रेल मार्ग के फेज 1 का 600 करोड़ का टेंडर अशोका बिल्डकॉन को दे दिया गया है। गौतम अदानी ने इस टेंडर मे कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। शायद मोदी सरकार भविष्य में इस प्रोजेक्ट को अदानी को सौंपने की योजना बना रही है। केंद्र सरकार ने जामनेर से नाडगांव फेज 2 के लिए एक फूटी कौड़ी नहीं दी है। फेज 2 को लेकर बीजेपी के नेताओं द्वारा किए गए बड़े बड़े दावे झूठ साबित होते नजर आ रहे हैं। सरकारी तिज़ोरी से फेज 2 के डीपीआर पर बेवजह लाखों रुपया फूंका जा चुका है।

फेज 1 के टेंडर मे रेल की ओर से राज्य सरकार को रेल विभाग की मालकियत वाली किसी भी जमीन को हस्तांतरित करने संबंधी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने फत्तेपुर सड़क से सटी राशी भूशी नामक एक टेकडी के नीचे की जमीन को रेल विभाग को हस्तांतरित करने संबंधी प्रस्ताव दिया है। इस जमीन के बदले रेल विभाग को जामनेर में स्थित स्टेशन की मौजूदा जमीन राज्य सरकार को स्टेडियम के लिए देनी होगी। जैसा कि हमनें कहा कि फेज 1 में रेल की कोई जमीन किसी को ट्रांसफर करने का ज़िक्र नहीं है तो आखिर खेल स्टेडियम बनेगा कहा ? जमीनों के आदान प्रदान के इस जटिल मसले पर रेल मंत्रालय और राज्य सरकार दोनो को अपनी भूमिका जनता के सामने रखा जाना चाहिए। इस प्रॉजेक्ट को लेकर गोदी मीडिया मे नेताओ की तरफदारी के लिए सच कम और झूठ अधिक छापा जा रहा है।
