मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरु हुई कार्यवाही,बिना अनुमति संचालित क्लिनिक्स को सीएमएचओ ने किया बंद | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल के निर्देश पर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जिले में संचालित क्लिनिक्स की जांच की गई। जांच के दौरान म प्र उपचार्यगृह एवं रूज़ोपचार संबंधी स्थापना अधिनियम के तहत बिना पंजीयन चल रहे तथास्तु डेंटल, स्किन स्माइल क्लीनिक, द एस्थेटिक वर्ल्ड, कॉस्मो डर्मा स्किन एंड हेयर क्लीनिक के विरुद्ध कार्यवाही कर इनका संचालन बंद करवाया गया है। प्राथमिक जांच में स्किन स्माइल क्लीनिक, कॉस्मो डर्मा स्किन एंड हेयर क्लीनिक में त्वचा रोगों एवं सौंदर्य समस्याओं का उपचार किया जाना पाया गया है , जबकि यहां पर डर्मेटोलॉजिस्ट पदस्थ नहीं है।निरीक्षण के दौरान क्लीनिक संचालकों द्वारा दल को आवश्यक दस्तावेज भी नहीं दिखाई जा सके।

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सी एम एच ओ डॉ प्रभाकर तिवारी ने इन सभी क्लिनिक्स को नोटिस जारी कर संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए हैं।अवैध रूप से चिकित्सा व्यवसाय में संलग्न व्यक्तियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई हेतु पुलिस, नगर निगम, औषधि प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण मंडल को सूचना दी गई है ,ताकि उनके विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जा सके।

मरीजों को निर्धारित अर्हताधारी चिकित्सक द्वारा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके, इसके लिए मध्यप्रदेश शासन गंभीरता पूर्वक काम कर रहा है। माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने भी गलत चिकित्सकीय प्रैक्टिस करने वाले लोगों पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में समय-समय पर निजी सेवा प्रदाताओं एवं संस्थाओं का निरीक्षण कर समुचित कार्यवाही की जा रही है। निरीक्षण में चिकित्सा व्यवसाय कर रहे व्यक्तियों की डिग्री, चिकित्सा पद्धति, काउंसिल का पंजीयन , म प्र उपचार्यगृह एवं रूज़ोपचार संबंधी स्थापना अधिनियम, जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन अधिनियम , गुमास्ता लाइसेंस की जांच की जा रही है।

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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी अनुमति के विपरीत अथवा बिना सक्षम अनुमति के निजी स्वास्थ्य संस्थाओं का संचालन अवैधानिक है। निजी चिकित्सा व्यवसायी शासन द्वारा निर्धारित सभी अनुमतियां प्राप्त करने के बाद ही चिकित्सा व्यवसाय करें अन्यथा उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जावेगी ।
मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण एवं अनुज्ञापन) अधिनियम 1973 एवं अधिनियम 1997 (यथा संशोधित ) 2021 के उल्लंघन करने पर क्लिनिक्स का संचालन बंद किया गया है। साथ ही आगामी आदेश तक केंद्र में किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय गतिविधियां संचालित नहीं किए जाने की हिदायत दी गई है।

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