अशफ़ाक़ क़ायमखानी, ब्यूरो चीफ, जयपुर (राजस्थान), NIT:

नृत्यांशी कला सोसायटी जयपुर व आर.ए. पोदार इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (राजस्थान यूनिवर्सिटी) के संयुक्त तत्वावधान में 11 अप्रैल को पोदार ऑडिटोरियम में नारी रो कल-आज नृत्य नाटिका का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी बात यह है कि यह पूरा कार्यक्रम राजस्थानी संस्कृति और राजस्थानी भाषा को बढ़ावा देने के लिए समर्पित रहेगा।
नृत्यांशी कला सोसायटी के डायरेक्टर ब्रजकिशोर श्रीवास्तव ने बताया कि राजस्थान दिवस को समर्पित यह कार्यक्रम राजस्थानी भाषा व संस्कृति को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। कार्यक्रम की थीम नारी रो कल-आज रखने का यही मकसद है कि देश व समाज में आज से कई साल पहले नारी की क्या स्थिति थी और आज नारी कहां से कहां पहुंच रही है और आगे बढ़कर अपने आप को कैसे सक्षम बनाकर अपना व देश दुनिया में नाम रोशन कर रही है। हालांकि नारी सशक्तिकरण के लिए केंद्र व राज्य सरकार का भी बड़ा योगदान देखने को मिल रहा है। महिला सुरक्षा व शिक्षा समेत कई सरकारी कल्याणकारी योजनाएं महिलाओं और बालिकाओं के सर्वांगीण उत्थान व सशक्त और आत्मनिर्भर होने में कारगर साबित हुई है। उन्होंने बताया कि नारी में जो सामाजिक बुराइयां देश व समाज को झकझोर रही थी, नारी को कैसे सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। समाज में फैली सामाजिक कुरीतियों और नारी पर हो रहे अत्याचार को कैसे दूर किया जाए, उनमें जागरूकता के कैसे प्रयास किए जाने की जरूरत है। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में अलग अलग किस्सों पर नृत्य नाटिका के माध्यम से बेहतरीन प्रस्तुति दी जाएगी। यह नृत्य नाटिका राजस्थानी भाषा में ही होगी । हमारा प्रयास यही है कि केंद्र व राज्य की सरकारों की योजनाओं के साथ राजस्थानी भाषा व संस्कृति के उत्थान व विकास के लिए सभी को सामूहिक रूप से आगे आना चाहिए।
नृत्यांशी कला सोसायटी की अध्यक्ष प्रीति श्रीवास्तव ने बताया कि इस नृत्य नाटिका के लेखक, डायरेक्टर व कंपोजर ब्रज किशोर श्रीवास्तव हैं। उनके निर्देशन में नाटक और नृत्य के लिए करीब 25 कलाकार तैयारियों में जुटे हुए हैं जो अपनी नाट्य व नृत्य की कला से अमिट छाप छोड़ेंगे और चार चांद लगाकर कार्यक्रम की भव्य शोभा बढ़ाएंगे। इनके अलावा 10 संगीत व वाद्ययंत्र के कलाकार अपनी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि सोसायटी की ओर से पूर्व में भी समाजसेवा, महिला शिक्षा व रोजगार, महिला जागरूकता के बड़े स्तर पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं ताकि देश की नारी का भविष्य उज्ज्वल व बेहतर हो सके।
