रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

झाबुआ जिले के मेघनगर में बगेर नम्बर प्लेट एवं तेज़ रफ़्तार से चलने वाली गाड़ीयों पर सख्ती से कार्यवाही नहीं होने से मोटर साइकिल सवार स्वयं को पायलट समझ कर नगर की गलियों और मुख्य मार्गों को रेस ड्राइविंग का मैदान समझ बैठे हैं। इसी के चलते मेघनगर ज्ञान मन्दिर के पिछे वार्ड क्रमांक 05 में एक बाईक सवार ने मासूम अक्षत बृजवासी पिता जितेन्द्र बृजवासी उम्र 03 वर्ष को टक्कर मार कर उसके उपर से मोटर साइकिल चढ़ा कर बच्चे को गम्भीर चोट पहुंचाई और मोटर साइकिल सवार रफ्फूचक्कर हो गया। जिसका विडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। मासूम बच्चा अक्षत अपनें घर के सामने ही बच्चों के साथ खेल रहा था।

आये दिन नगर में दो पहिया और चार पहिया वाहनों को नौसिखिया और पायलेटिंग करने वाले लापरवाह वाहन चालक और उन्हें वाहन देने वाले उनके अभिभावक ऐसी होने वाली दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार हैं। नगर में आए दिन तेज़ गति से वाहन चला कर पायलेटिंग करते युवा देखे जा सकते हैं, शायद जो अपने साथ वाहन के दस्तावेज, और लायसेंस भी लेकर नहीं चलते होंगे।

मोटर व्हीकल एक्ट में इतने नए प्रावधान होने के बाद ऐसे नौसिखियों और रेस ड्राइविंग करने वाले वाहन चालकों के लिए प्रशासन का नरम रवैया ऐसे लापरवाही करने वालों को प्रोत्साहन दे रहा है। क्या यातायात विभाग, पुलिस विभाग ऐसे लापरवाहों पर सख्ती से कदम उठाकर ऐसी घटनाओं पर ब्रेक लगा पाएगा?
