दो और तीन मार्च को बिहार ट्रक ओनर्स एसोसिएन का सांकेतिक हड़ताल | New India Times

अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

दो और तीन मार्च को बिहार ट्रक ओनर्स एसोसिएन का सांकेतिक हड़ताल | New India Times

बिहार ट्रक ओनर एसोसिएशन के प्रदेश सचिव दीप नारायण सिंह दीपक ने जहानाबाद के ट्रक मालिकों के साथ बैठक करने के दौरान बताया कि, दो और तीन मार्च को सांकेतिक हड़ताल को सफल बनाने को लेकर आल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ हरिश सवरवाल ने बिहार के ट्रक मालिकों एवं अन्य राज्यों के गाड़ी मालिकों जो कि, बिहार की सड़कों पर गिट्टी और बालू का परिवहन कर रहे हैं, उनके समस्या को लेकर एक ज्ञापन प्रधानमंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं सभी पदाधिकारियों को लिखित आवेदन देकर बिहार ट्रक ओनर्स एसोसिएशन की सभी मांगों पर पुनः विचार करने की मांग करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा की मांगें निम्नलिखित हैं:-

  1. जुर्माना की बढ़ाई हुई चार गुणा राशि पर पुर्नविचार करने की आवश्यकता है।
  2. क्षमता अनुसार माइनिंग चालान लेकर चलने वाले वाहनों को किसी कारणवश चालान की अवधि समाप्त होने पर वैसे गाडी को जुर्माना से मुक्त रखा जाये।
  3. दोषी वाहन स्वामी से जुर्माना लेकर ऑन स्पॉट गाड़ी को मुक्त किया जाए।
  4. दोषी वाहन स्वामी/चालक पर प्राथमिकी की प्रक्रिया से मुक्त रखा जाये क्योंकि जुर्माना की रकम जमा करने के उपरांत गाड़ी को थाना से मुक्त कराने में माह-दो माह का समय व्यतीत हो जाता है।
  5. भींगा बालू परिवहन करने पर गाड़ी मालिक पर जुर्माना किया जाता है जबकि इसके लिए सिर्फ घाट संवेदक जिम्मेदार है। भींगा बालू लोड करने से हम गाड़ी मालिक को स्वतः नुकसान होता है।
  6. रेलवे के द्वारा गिट्टी और बालू की ढुलाई को जैसे अस्थाई परमिट से मुक्त रखा गया है वैसे ही ट्रकों को भी अस्थाई परमिट से मुक्त रखा जाये।
  7. केन्द्र सरकार के आदेशानुसार सकल वाहन भार में 5 प्रतिशत ग्रेस का प्रावधान है परिवहन में है उसी तरह माइनिंग में भी मान्यता दी जाये।
  8. माइनिंग चालान में अंकित मात्रा को दी गई पैमाइश पर होनी चाहिए।
  9. यथा गिट्टी की पैमाइश सीएफटी में और बालू की पैमाइश टन में हो।
  10. बालू परिचालन करने वाले गाड़ियों में सरकार द्वारा स्वीकृत जीपीएस लगाने के उपरांत ही गाडियों में बालू लोड दिया जाता है। किसी कारणवश गंतव्य स्थान तक पहुंचने में विलंब होने पर जीपीएस की मान्यता को खारिज क्यों किया जाता है?
  11. जाम, नो इंट्री या गाड़ी में तकनीकि खराबी होने पर व्टासएप अथवा ईमेल आईडी पर सूचना देने के उपरांत भी ट्रक मालिक पर लगे जुर्माना की रकम की देनदारी संबंधित अधिकारी पर हो।
  12. क्षमतानुसार माइनिंग चालान के साथ परिचालित वाहन को आर्थिक दंड और मुकदमा से वंचित रखा जाये।
  13. माइनिंग चालान के समय-वैधता को सड़क एवं पुलों की स्थिति, जाम तथा विभिन्न सडकों पर नो इंट्री को देखते हुए समय-वैधता में विस्तार किया जाये।
  14. माइनिंग में परिचालित ट्रकों (मिट्टी, गिट्टी, बालू) की जांच का अधिकार पुलिस से वापस लेकर ट्रक मालिकों को आर्थिक दोहन से बचाया जाये।
  15. माइनिंग से संबंधित किसी भी नीतियों को बनाने से पहले सरकार बिहार ट्रक ऑनर एसोसिएशन एवं ट्रक एसोसिएशन जिलाध्यक्ष के प्रतिनिधि के साथ बैठक कर सहमति बनाकर उसे लागू करें।
  16. बालू घाट संवेदकों पर इस बात का दबाव बनाया जाये कि जब वो धर्मकांटा से नाप कर बालू बेचते हैं तो वजन स्लीप भी निर्गत करें।
  17. बालू संवेदक, क्रेशर मालिक द्वारा खनिज का बिक्री मुल्य भी मुल्य तालिका पर अंकित हो अन्यथा संवेदक, क्रेशर मालिक द्वारा मनमाना कीमत वसूला जाता है।
  18. वाहन स्वामी पर जब जुर्माना तय किया जाता है इसके पूर्व उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए कुछ समय सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
  19. प्रत्येक जिला के माप-तोल अधिकारी को जिला खनन अधिकारी के साथ समन्वय बनाकर धर्मकांटा के वास्तविक सत्यता की जांच का आदेश दिया जाये। एक ही गाड़ी को अलग अलग धर्मकांटा पर वजन करने में भिन्नता पाई जाती है।

इन मांग पत्र को बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार को मेल के मध्यम से दिया गया है जिसकी कॉपी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित संबंधित पदाधिकारियों को भी मेल किया गया है।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version