फैज़ान खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:

अल सुबह इलाके में उस समय सनसनी फैल गई जब कांकरोला गांव की अम्बेडकर कॉलोनी में संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ० भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा को रात के अंधेरे में कुछ असामाजिक तत्वों ने तोड़ दिया। सूचना पाते ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्थानीय खेड़की दौला थाना पुलिस सहित क्राइम ब्रांच की टीमों और फोरेंसिक टीमों ने मौके पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। इस दौरान भीम सेना के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर ने गांव कांकरोला पहुंचकर प्रशासन को दो घंटे का अल्टीमेटम दे डाला।
भीमसेना प्रमुख सतपाल तंवर ने कहा कि इस तरह की घटनाएं पहले भी क्षेत्र में हो चुकी हैं। परन्तु बीजेपी सरकार में घटनाओं को दबा दिया जाता रहा है। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सरकार को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। थाना खेड़की दौला के एसएचओ इंस्पेक्टर सतेंद्र सिंह से बात करते हुए सतपाल तंवर अपने पुराने तीखे अंदाज में नजर आए। तंवर ने इंस्पेक्टर सतेंद्र सिंह से पूछा कि आप शांति चाहते हैं या क्रांति चाहते हैं, ऐसे में इंस्पेक्टर ने जवाब दिया कि हम शांति चाहते हैं। तभी तंवर ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि दो दिन शांति के हम आपको देते हैं, यदि दो दिन के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो तीसरा दिन भीम सेना क्रांति का अपना लेगी।
भीमसेना चीफ ने धातु से बनी बाबा साहेब डॉ० अम्बेडकर की प्रतिमा लगाए जाने, अम्बेडकर पार्क के नवनिर्माण, सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था और प्रतिमा के चारों तरफ स्टील, लोहे की ग्रिल से सुरक्षा घेरा बनाए जाने की मांग की। इस दौरान भीम सेना ने ग्रामीणों से दो मार्च को होने वाले निगम चुनाव के बहिष्कार का भी ऐलान करवा दिया। तंवर का कहना है कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे दलित समाज से पूरे गुरुग्राम में निगम के चुनाव का बहिष्कार करने का ऐलान करेंगे। उन्होंने अम्बेडकर कॉलोनी के रास्ते की मांग भी उठाई, जोकि रास्ता दलित समाज के लिए बंद किया जा रहा है और पिछली मनोहर लाल खट्टर सरकार ने रास्ते की जमीन को गुरुग्राम यूनिवर्सिटी को बेच दिया था।
आज मानेसर में मुख्यमंत्री नायब सैनी का चुनावी दौरा है। सूत्रों के हवाले से मालूम चला है कि मुख्यमंत्री नायब सैनी को भीम सेना काले झंडे दिखा सकती है। इस खबर की हम पुष्टि नहीं करते हैं लेकिन तंवर के तेवर बता रहे हैं कि वे सरकार से खासे नाराज हैं। सीएम को काले झंडे दिखाए जाने के कयासों को लेकर प्रशासन के हाथ पांव फूल गए हैं। बहरहाल तंवर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बाबा साहब के अपमान के प्रति और गांव कांकरोला में दलित समाज को रास्ता देने के मामले में भेदभाव के प्रति खासी नाराजगी जाहिर की है।
