गुलशन परूथी, ब्यूरो चीफ, दतिया (मप्र), NIT:
चिकित्सक महासंघ दतिया जिले के सभी चिकित्सकों ने अमानक दवाओं की सांकेतिक होली जलाकर अपना आंदोलन जारी रखा। काली पट्टी बांधकर काम करने के साथ ही डॉक्टरों ने अमानक दवाओं के प्रति अपना विरोध जताया। चिकित्सकों ने अपनी मांगों को दोहराया और समाधान न होने की दशा में आंदोलन उग्र होने की चेतावनी दी।
चिकित्सकों की प्रमुख मांगे
1. माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 4 दिसम्बर 2024 के अपने आदेश में 2 सप्ताह में हाई पॉवर कमेटी का गठन एवं उससे अगले 2 सप्ताह में डॉक्टर्स के मुद्दे सुलझाने का आदेश दिया था जो की आज दिनांक तक नहीं दिया गया। इस कमेटी का शीघ्रातिशीघ्र गठन कर हम सभी घटक संगठनों की सभी मांगों को इसमें शामिल कर उनका हल निकालें।
2. मध्य प्रदेश कैबिनेट से पारित समयमान चयन वेतनमान (DACP) का अभी तक कई चिकित्सकों एवं चिकित्सा शिक्षकों को लाभ नहीं मिल रहा है। कई जगह इसके जो आदेश जारी हुए वह भी त्रुटिपूर्ण हैं।
3. मध्य प्रदेश कैबिनेट द्वारा 4 अक्टुबर 2023 में पारित आदेश सातवें वेतनमान का वास्तविक लाभ 1 जनवरी 2016 से दिया जाना, एनपीए की गणना सातवें वेतनमान के अनुरूप करना।
4. MPPHCL द्वार सप्लाई की गई कई दवाईयां अमानक पाई गईं जिसमें कुछ दवाईयां आईसीयू व ऑपरेशन थिएटर में उपयोग होने वाली जीवन रक्षक दवाइयां भी शामिल हैं,
इसके पश्चात भी आज दिनांक तक निर्माताओं पर कोई FIR नहीं की गई।
5. कोलकाता के आर जी कार मेडिकल कॉलेज में हुई दुखद घटना के पश्चात माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित नेशनल टास्क फ़ोर्स की रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने का कोई प्रयास नहीं हुआ।
6. विभाग में तकनीकी विशेषज्ञ के स्थान पर नए नए आदेश कर प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति से प्रदेश की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था अधर में जा चुकी है
अतः प्रशासनिक दख़लंदाज़ी ख़त्म करना होगी।
अतः यह सर्वविदित है कि माननीय उच्चतम न्यायालय, माननीय उच्च न्यायालय, मध्य प्रदेश एवं मुख्य लोकतांत्रिक संस्था मध्यप्रदेश के कैबिनेट से पारित आदेश की अवहेलना की वजह से हम आंदोलन के लिए बाध्य्य हुए।

