नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

22 जनवरी की शाम जलगांव जिले के परधाडे-माहेजी स्टेशन के बीच आग़ लगने की अफ़वाह के कारण कर्नाटका एक्सप्रेस के नीचे कटकर मरे पुष्पक एक्सप्रेस के 13 यात्रियों के दोषी स्टेशन मास्टर गार्ड और IRCTC का वो चायवाला अब तक नपे नहीं है। हादसे के घायलों को पाचोरा के निजी अस्पताल से उठाकर गोदावरी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने पीड़ितो से मिलकर उनका हालचाल जाना और इलाज़ का स्तर चेक किया। New India Time’s ने इस हादसे के लिए जिम्मेदार रेलवे बोर्ड के तकनीकी सिस्टम और स्थल सापेक्षता के बिंदुओं पर सटीक जानकारी प्रकाशित की थी।

खडसे ने अपनी सांसदी में सरकार से रेलवे के बुनियादी विकास से संबंधित सैकड़ों सवाल पूछे हैं जो रेकॉर्ड पर है। जनता चाहती है कि वे पुष्पक एक्सप्रेस की इस मानव निर्मित घटना के लिए दोषियों को सख्त से सख़्त सजा दिलवाए। विदित हो कि अदानी-अंबानी समेत 22 कार्पोरेट के हाथो देश की तमाम सरकारी संपत्ति का केंद्रीकरण कर पार्टी चला रही मोदी सरकार ने रेलवे का प्रचंड नुकसान किया है। राइट विंग की सोच ने धर्म का इस्तेमाल कर देश को अति पूंजीवाद की उस खाई मे धकेल दिया है जिसमे गरीब को मुफ़्त का अनाज खिलाकर रैलियों मे भाषण सुनाने के लिए जिंदा रखा जा रहा है।

खेलों से बनेगी सांस्कृतिक पहचान: दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में खो खो विश्व चषक जितने वाले टिम को बधाई देते हुए खेल मंत्री रक्षा खडसे ने कहा कि खेलों के कारण देश को सांस्कृतिक पहचान मिलती है। जलगांव के खेल प्रेमी मंत्री जी से गुहार लगा रहे है कि वे प्रत्येक ब्लॉक मे कम से कम पांच एकड़ जमीन पर एक सरकारी खेल स्टेडियम बनवाने की योजना को अमल मे लाए।
