हिनौता पंचायत के दबे कुचले गरीब ग्रामीणों की सुनने वाला कोई नहीं, वर्षों से किसानों की जमीन में नहर की खुदाई कर मलबे का ढेर लगा कर छोड़ दिये ठेकेदार ने | New India Times

मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:

हिनौता पंचायत के दबे कुचले गरीब ग्रामीणों की सुनने वाला कोई नहीं, वर्षों से किसानों की जमीन में नहर की खुदाई कर मलबे का ढेर लगा कर छोड़ दिये ठेकेदार ने | New India Times

मैहर जिले के ग्राम पंचायत हिनौता के कोल परिवार आज भी अपनी अधिकारों के लिए परेशान है नहर के ठेकेदार की मनमानी से ग्रामीण परेशान है, ग्रामीणों के बताये अनुसार खेती की जमीन को नहर के लिए भू अर्जन किया गया लेकिन बहुत से ग्रामीण आज भी मुआवजे के लिए दर दर की ठोकर खा रहे है यही नही जब नहर की खोदाई की गई तब किसानो की खेती वाली जमीनों पर मलवा का ढेर यह कह कर लगा दिये गया की जल्दी हि इस मलवे को हटवा देंगे लेकिन कई साल बीत जाने के बाद भी आज तक मलवा नही हटाया गया जिससे ग्रामीणों मे रोस है और आज ग्रामीणों ने चल रहे नहर के कामों में रोक लगाकर बैठे हैं।

हिनौता पंचायत के दबे कुचले गरीब ग्रामीणों की सुनने वाला कोई नहीं, वर्षों से किसानों की जमीन में नहर की खुदाई कर मलबे का ढेर लगा कर छोड़ दिये ठेकेदार ने | New India Times

इन गरीब मजलूमों की सुनने वाला कोई नहीं यहां वहां भटकने को मजबूर, वही ग्रामीण ममता कोल, मुन्ना कोल, लीला बाई कोल, बुटान कोल, दुईजी कोल, भइया लाल कोल, मंगल कोल, दुन्ना कोल, ददनीया कोल, छोटी कोल, सुखाईया साकेत की आज भी मुआवजा नही मिला जिससे लोग परेशान है और इनको किसी भी तरह से पंचायत या किसी भी जिम्मेदार विभाग से मनमुताबिक जबाब देने वाला नही मिला, जिसके कारण आज भी दबे कुचले जा रहे है, ग्रामीणों के बताये अनुसार नहर के ठेकेदार फलौदि कम्पनी के प्रोजेक्ट मैनेजर गजराज सिंह की दबँगई  इतनी है की जब गरीब मजबूर अपनी अधिकारों के लिए आगे आते है तो 100 नंबर पुलिस को बुलाकर डराया व धमकाया जाता है जिससे ग्रामीणों मे भय का भी माहौल बना रहता है, इन गरीब दबे कुचले किसानो के पास आत्म हत्या करने की मजबूरी के आलावा कोई चारा नही दिख रहा है ऐसे मे स्थानीय जनप्रतिनिधियो को आगे अना चाहिए नही की किसी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता है।

इस संबंध में जब मैहर एसडीएम विकास सिंह से बात की गई तो बताया गया की हिनौता के लोगों की जानकारी में है और बहुत से लोगों की जमीन का मुआवजा असिंचित पहले के अधिकारियों ने लिख दिया गया था इस लिए पेंच फंस गया था लेकिन जल्द हि कुछ दिनों में उन जमीनों को सिंचित हो जाएगी तब किसानों को मुआवजा की प्रक्रिया की जाएगी, साथ हि जो नहर का मलवा जिन किसानों के खेतों में रखा गया है वो नहर के ठेकदार की जिम्मेदारी मलवा हटाने की और ठेकेदार हि हटाएगा।

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